लखीसराय जिले के मेदनीचौकी क्षेत्र अंतर्गत सूर्यगढ़ा-मुंगेर एनएच-80 से खावा नन्हकी टोला को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कार्य पिछले तीन वर्षों से अधर में लटका हुआ है। ग्रामीण कार्य विभाग के तहत स्वीकृत इस योजना के कार्यस्थल पर शुरुआत में सिर्फ बोर्ड लगाकर और जेसीबी से थोड़ी-बहुत मिट्टी हटाकर काम छोड़ दिया गया, जिससे आज भी यह सड़क बदहाल स्थिति में पड़ी है।
तय समयसीमा बीतने के बाद भी जस की तस पड़ी है सड़क
ग्रामीण कार्य विभाग के माध्यम से बनने वाली इस सड़क के लिए प्रशासनिक स्वीकृति और बजट पहले ही जारी किया जा चुका है:
- लागत और लंबाई: इस 2.015 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए ₹107.49 लाख तथा पांच साल के मेंटेनेंस के लिए ₹19.73 लाख की राशि प्रस्तावित है. यह सड़क एनएच-80 से चिमनी भट्ठा होते हुए खावा नन्हकी टोला तक जानी है.
- तय समयसीमा: कार्य बोर्ड के अनुसार सड़क का निर्माण कार्य 30 दिसंबर 2023 को शुरू होकर 29 सितंबर 2024 तक पूरा होना था, लेकिन साल 2026 आ जाने के बावजूद स्थिति जस की तस है.
- संवेदक की मनमानी: स्थानीय लोगों ने बताया कि संवेदक के कर्मियों ने पहले दिन केवल बोर्ड लगाकर और जेसीबी से थोड़ा-बहुत छील-छांछ कर काम बंद कर दिया, जिसके बाद से आज तक कोई सुध लेने नहीं आया.
हजारों लोग, मजदूर और किसान हो रहे हैं परेशान
सड़क का निर्माण न होने के कारण स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है:
- प्रभावित आबादी: नन्हकी टोला के 500 से अधिक घरों के निवासियों के अलावा क्षेत्र में संचालित जालान ईंट भट्ठा के हजारों मजदूरों को आवागमन में भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है.
- धार्मिक व कृषि गतिविधियां: कियुल नदी सोझी घाट जाने वाले छठ व्रतियों और दियारा क्षेत्र में खेती के लिए आने-जाने वाले हजारों किसानों के लिए भी यह रास्ता बड़ी चुनौती बन गया है.
- कीचड़ का दलदल: वर्तमान में सड़क कच्ची होने के कारण बरसात के दिनों में यह पूरी तरह कीचड़मय हो जाती है, जिससे पैदल चलना भी दुर्लभ हो जाता है.
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और प्रमुख लोगों—चिमनी भट्ठा संचालक अश्वनी कुमार जालान, खावा राजपुर के पैक्स अध्यक्ष जेपी उर्फ जयप्रकाश, राजद प्रखंड अध्यक्ष अनंत कुमार आनंद, जदयू वरिष्ठ कार्यकर्ता बाटेश्वर महतो, शिक्षक सरेश महतो और श्रवण महतो आदि ने गहरा रोष व्यक्त किया है.
ग्रामीणों का आरोप: "चुनावी दौर में सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन चुनाव बीतते ही सब भूल गए. स्थानीय विधायक को भी कई बार जर्जर सड़क पर लगा बोर्ड दिखाया गया, लेकिन किसी ने इस पर संज्ञान नहीं लिया. आज स्थिति यह है कि जनता अपने आपको ठगा महसूस कर रही है."
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा सड़क निर्माण का कार्य पुनः शुरू नहीं किया गया, तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी.
