हलसी(लखीसराय) से केशव कुमार की रिपोर्ट:
Kalash Yatra: वैदिक मंत्रों की गूंज, सिर पर कलश लिए सैकड़ों महिलाएं और जयघोष से भक्तिमय हुआ पूरा प्रतापपुर. लखीसराय के प्रतापपुर गांव में नौ दिवसीय श्री श्री 108 विराट शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुआ.
कलश यात्रा से हुई महायज्ञ की शुरुआत
महायज्ञ के पहले दिन दुर्गा स्थान परिसर से भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई. यात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः यज्ञ स्थल पहुंची. शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया. पूरे मार्ग में भक्ति गीतों और धार्मिक नारों से माहौल आध्यात्मिक रंग में रंगा रहा.
वैदिक विधि से हुआ जलाभिषेक
ग्रामीण तालाब पर वैदिक परंपरा के अनुसार जलाभिषेक और पूजन संपन्न कराया गया. अयोध्या से पधारे आचार्य ओमप्रकाश शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश पूजन और जलाभिषेक कराया. श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर महायज्ञ की सफलता और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की.
विधायक ने किया कलश यात्रा का शुभारंभ
कलश यात्रा का शुभारंभ सूर्यगढ़ा विधायक रामानंद मंडल ने किया. उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं. धार्मिक कार्यक्रम लोगों को जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का माध्यम बनते हैं.
नौ दिनों तक होंगे धार्मिक अनुष्ठान
आयोजन समिति के अध्यक्ष कृष्णदेव महतो ने बताया कि महायज्ञ नौ दिनों तक चलेगा. इस दौरान प्रतिदिन हवन, पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचन का आयोजन होगा. श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भंडारे की व्यवस्था की गई है. बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की भी विशेष व्यवस्था की गई है.
कथा, प्रवचन और अखंड हरिनाम संकीर्तन का आयोजन
महायज्ञ में वृंदावन की प्रसिद्ध कथा वाचिका देवी कृष्णा प्रियंका कथा वाचन करेंगी. वहीं अंतरराष्ट्रीय बाल प्रवक्ता शुक्रिया जी महाराज और संत सीताराम महाराज श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक प्रवचन देंगे. आयोजन स्थल पर 24 घंटे अखंड हरिनाम संकीर्तन भी जारी रहेगा.
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि योगेंद्र मंडल, जदयू प्रखंड अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ मुन्नी, राजकुमार महतो, शैलेंद्र महतो, हरिओम कुशवाहा, विपिन कुमार और प्रशांत कौशल सहित कई जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे. आयोजन समिति ने अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. महायज्ञ को सफल बनाने में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली.
