लखीसराय जिले के पीरीबाजार क्षेत्र अंतर्गत कजरा में बन रहे सोलर पावर प्लांट (Solar Power Plant) के निर्माण कार्य के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है. प्लांट की चारदीवारी (Boundary Wall) के निर्माण के दौरान बरियारपुर-घोंघी कोडाशी मुख्य मार्ग को बंद कर दिए जाने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है. सड़क अवरुद्ध होने के कारण बरियारपुर, घोंघी कोड़ाशी सहित आसपास के दर्जनों गांवों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है.
वर्षों पुरानी सड़क बंद, 3 से 4 किमी का अतिरिक्त चक्कर
स्थानीय ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए बताया कि यह सड़क कोई नई नहीं, बल्कि दशकों पुरानी है और दर्जनों गांवों की लाइफलाइन (Lifeline) रही है:
- रोजमर्रा की आवाजाही ठप: रास्ता बंद हो जाने के कारण किसानों, मरीजों, दैनिक मजदूरों और स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को 3 से 4 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है.
- मानसून में और बिगड़े हालात: बारिश के मौसम में जो वैकल्पिक कच्चे रास्ते उपलब्ध हैं, वे कीचड़ और जलभराव के कारण दलदल में तब्दील हो चुके हैं. इससे वहां से गुजरना हादसों को न्योता देना जैसा साबित हो रहा है.
'या तो पुराना रास्ता खोलें या पक्की वैकल्पिक सड़क बनाएं'
सड़क बंद होने से पूरे क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं. परेशान ग्रामीणों ने जिला प्रशासन लखीसराय और प्लांट प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मांग रखी है:
ग्रामीणों की चेतावनी: "वर्षों पुराने इस मुख्य मार्ग को बिना किसी पक्की वैकल्पिक सड़क की व्यवस्था किए बंद कर देना सरासर गलत है. प्रशासन या तो पुराने मार्ग को तुरंत चालू कराए या फिर ग्रामीणों के लिए सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक पक्की सड़क का निर्माण कराए. यदि हमारी मांग नहीं मानी गई तो आने वाले दिनों में उग्र जन आंदोलन किया जाएगा."
प्रशासन के फैसले पर टिकीं निगाहें
सोलर पावर प्लांट निर्माण के कारण उत्पन्न इस रास्ते के विवाद को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल है. अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या का क्या समाधान निकालता है और कब तक उन्हें इस लंबे चक्कर से निजात मिलती है.
