लखीसराय जिले के हलसी प्रखंड अंतर्गत धीरा स्थित डीपीईपी प्राथमिक विद्यालय में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती (राष्ट्रीय खेल दिवस) के अवसर पर रविवार को भव्य खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. मध्य विद्यालय धीरा के खेल मैदान में आयोजित इस प्रतियोगिता में कक्षा एक से पांच तक के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह, ऊर्जा और खेल भावना के साथ भाग लिया. विभिन्न पारंपरिक और आधुनिक खेलों में बच्चों के शानदार प्रदर्शन ने उपस्थित शिक्षकों व ग्रामीणों का दिल जीत लिया. वहीं आयोजन के दौरान विद्यालय के अपने खेल मैदान के अभाव का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया.
कबड्डी, फुटबॉल, रस्सी कूद और कितकित में बच्चों का जलवा
बच्चों में शारीरिक दक्षता और मानसिक स्फूर्ति को बढ़ावा देने के लिए आयोजित प्रतियोगिताओं में कड़ा मुकाबला देखने को मिला:
- विभिन्न विधाओं में भागीदारी: प्रतियोगिता में कबड्डी में 14, फुटबॉल में 22, रस्सी कूद में 6, कितकित (हॉपस्कॉच) में 6 और लूडो में 4 बच्चों ने दमखम दिखाया.
- टीम ए बनाम टीम बी का रोमांच: छात्र-छात्राओं को दो समूहों (टीम ए और टीम बी) में बांटकर मैच कराए गए. इसमें शानदार खेल दिखाते हुए कबड्डी और क्रिकेट में टीम 'ए' ने जीत दर्ज की, जबकि लूडो, फुटबॉल और रस्सी कूद में टीम 'बी' विजेता बनी.
- प्रतिभागी बच्चे: हंसराज आनंद, मुस्तफा, शिशुपाल, धर्मराज, श्याम कुमार, प्रिंस कुमार, जासमीन, शबनम, मेहरा खातून, अंजली सिंह, अस्मिता और फोजिया नाज सहित दर्जनों बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
शिक्षकों के नेतृत्व में हुआ सफल आयोजन
प्रतियोगिता का सफल संचालन प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार के नेतृत्व में शिक्षक-शिक्षिकाओं की टीम द्वारा किया गया:
- सक्रिय शिक्षक दल: सहायक शिक्षक रीमा कुमारी, मो. कैसर आजम कैसर, मनोज प्रसाद, नाहिद परवीन और आशियाना जानवी ने सभी खेलों के नियमों और अनुशासन का पालन कराते हुए बच्चों का मार्गदर्शन व उत्साहवर्धन किया.
- खेल भावना का विकास: शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि मेजर ध्यानचंद का जीवन हमें अनुशासन, कठिन परिश्रम और टीम भावना की प्रेरणा देता है.
विद्यालय में अपना खेल मैदान नहीं, प्रधानाध्यापक ने जताई चिंता
सफल आयोजन के बीच विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की कमी भी उजागर हुई:
- दूसरे मैदान में आयोजन की मजबूरी: प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार ने बताया कि डीपीईपी विद्यालय के पास अपना कोई खेल मैदान उपलब्ध नहीं है. इस कारण बच्चों की प्रतियोगिता कराने के लिए पड़ोस के मध्य विद्यालय धीरा के मैदान का सहारा लेना पड़ा.
- प्रशासन से मैदान उपलब्ध कराने की मांग: उन्होंने कहा कि विद्यालय के पास अलग खेल मैदान की नितांत आवश्यकता है. इस संबंध में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में कई बार प्रस्ताव पारित किया गया है और शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को भी मौखिक रूप से अवगत कराया गया है. प्रशासन को शीघ्र विद्यालय के लिए भूमि चिन्हित कर खेल मैदान उपलब्ध कराना चाहिए.
