प्राथमिक उपचार पर मॉक ड्रिल, आपात स्थिति से निपटने का मिला प्रशिक्षण
सूर्यगढ़ानगर परिषद क्षेत्र स्थित प्लस टू परियोजना बालिका उच्च विद्यालय सूर्यगढ़ा में चल रहे बिहार राज्य भारत स्काउट गाइड के पांच दिवसीय प्रशिक्षण सह परीक्षण शिविर के तीसरे दिन सेवा, अनुशासन और मानवता का संदेश प्रमुख रूप से उभरा. इस दौरान छात्राओं को प्राथमिक उपचार की विस्तृत जानकारी दी गयी तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल कराया गया. शिविर प्रधान गाइड कैप्टन अमृता सिंह के नेतृत्व में सहयोगी स्काउट अनुराग आनंद ने छात्राओं को बताया कि किसी दुर्घटना या अचानक बीमारी की स्थिति में डॉक्टर के पहुंचने से पहले दी जाने वाली तत्काल सहायता ही प्राथमिक उपचार कहलाती है. समय पर दिया गया उपचार कई बार जीवन रक्षक साबित होता है. प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं का उत्साह सराहनीय रहा. प्रशिक्षक के निर्देश पर छात्राएं अपने घरों से प्राथमिक उपचार किट तैयार कर विद्यालय पहुंचीं. किट में आवश्यक दवाइयों व उपचार सामग्री की व्यवस्था देख विद्यालय परिवार ने उनकी प्रशंसा की. प्रधानाध्यापक संजय कुमार सिंह ने कहा कि इस तरह का प्रशिक्षण बच्चों में आत्मनिर्भरता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है. शिक्षक प्रेमरंजन कुमार ने छात्राओं की किट का निरीक्षण कर मॉक ड्रिल के माध्यम से आपात सहायता की प्रक्रिया का अभ्यास कराया. कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक रवि कुमार, राजीव रंजन, अनिल कुमार, प्रियंका कुमारी, पुष्पा कुमारी, सिवंतिका कुमारी एवं फौजिया सुल्तान सहित अन्य शिक्षकों की सक्रिय भूमिका रही. शिविर का आयोजन लखीसराय जिला संगठन आयुक्त (स्काउट) मृत्युंजय कुमार एवं जिला संगठन आयुक्त (गाइड) वंदना कुमारी के निर्देशानुसार किया जा रहा है.
