भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा प्रस्तावित फोर-लेन सड़क निर्माण हेतु किए जा रहे भूमि अधिग्रहण के विरोध में रविवार को लखीसराय के औरैया मोड़ पर एक विशाल किसान महापंचायत आयोजित की गई. इस महापंचायत में खैरी, दामोदरपुर और औरैया मौजा के सैकड़ों प्रभावित किसानों, छोटे-बड़े व्यवसायियों और स्थानीय उद्यमियों ने एकजुट होकर NHAI और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. लखीसराय के पूर्व उपसभापति सह वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरविंद कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी बेशकीमती आवासीय व व्यावसायिक जमीन का कौड़ियों के भाव अधिग्रहण करने की साजिश रची जा रही है.
पुराने सर्किल रेट का महज डेढ़ गुना मुआवजा देने पर भारी नाराजगी
महापंचायत में जुटे भू-स्वामियों और व्यवसायियों ने NHAI की अधिग्रहण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए:
- जमीन का वर्तमान स्वरूप: किसानों का कहना है कि जिस जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, वह अब महज कृषि भूमि नहीं है बल्कि तेजी से विकसित हो रहे इलाके की आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक श्रेणी की प्राइम लैंड है.
- मनमाना मूल्यांकन: इलाके में नए सर्किल रेट के आधार पर जमीनों की रजिस्ट्री हो रही है, लेकिन NHAI द्वारा किसानों को पुराने सर्किल रेट के आधार पर महज 1.5 गुना मुआवजे का नोटिस भेजा गया है, जो भू-स्वामियों के साथ सीधा अन्याय है.
'किसान, व्यवसायी एवं उद्यमी संघर्ष मोर्चा' की प्रमुख मांगें
बैठक में प्रभावितों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर प्रशासन के समक्ष 4 प्रमुख मांगें रखीं:
- नए सर्किल रेट पर मूल्यांकन: जमीन का अधिग्रहण पुराने रेट पर नहीं, बल्कि वर्तमान में लागू नए सर्किल रेट के आधार पर आवासीय और व्यावसायिक दर तय कर किया जाए.
- चार गुना मुआवजा: भूमि अधिग्रहण कानून एवं सरकारी मानकों के अनुसार नए सर्किल रेट का कम से कम 4 गुना मुआवजा किसानों को दिया जाए.
- पारदर्शी जांच: जिला प्रशासन निष्पक्ष जांच दल गठित कर मौके पर भूमि का पारदर्शी व वास्तविक मूल्यांकन कराए.
- पुनर्वास व वैकल्पिक भूमि: अधिग्रहण से प्रभावित होकर पूरी तरह बेघर और भूमिहीन हो रहे परिवारों को सरकारी गजट के प्रावधानों के तहत पुनर्वास हेतु वैकल्पिक जमीन व पुनर्वास पैकेज उपलब्ध कराया जाए.
समाहरणालय पर विशाल प्रदर्शन और भूख हड़ताल की चेतावनी
महापंचायत में शामिल अमित कुमार, किशोरी पासवान, रामाश्रय यादव, सकलदेव यादव, नवल किशोर, कामदेव शर्मा, विनोद यादव, आनंदी महतो, गिनौरी बिंद और श्री राम पासवान समेत सैकड़ों किसानों ने दो टूक ऐलान किया कि सम्मानजनक और वाजिब मुआवजा मिलने तक वे अपनी एक इंच जमीन भी फोर-लेन परियोजना के लिए नहीं देंगे.
'किसान, व्यवसायी एवं उद्यमी संघर्ष मोर्चा' ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि NHAI और जिला प्रशासन ने उनकी मांगों पर अविलंब संज्ञान नहीं लिया, तो हजारों प्रभावित किसान लखीसराय समाहरणालय का घेराव कर विशाल धरना-प्रदर्शन करेंगे और जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे.
