लखीसराय से राजेश कुमार की रिपोर्ट
Drug Seizure Case: लखीसराय में नशीली दवाओं की बड़ी खेप जब्त होने के मामले में कार्रवाई नहीं करना ड्रग्स इंस्पेक्टर को भारी पड़ गया. ड्यूटी में लापरवाही और कार्रवाई में देरी के आरोप में उनके खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया गया है.
10 लाख रुपये की नशीली दवाएं हुई थीं जब्त
जानकारी के अनुसार गत 27 मई को रामगढ़ चौक पुलिस ने दूरडीह गांव के समीप एक पिकअप वाहन से करीब 10 लाख रुपये मूल्य की नशीली दवाएं जब्त की थीं. पुलिस द्वारा कार्रवाई के बाद मामले की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया ड्रग्स विभाग को करनी थी.
कार्रवाई में देरी का आरोप
आरोप है कि ड्रग्स इंस्पेक्टर दीपक Kumar राम ने मामले में समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया. बताया जा रहा है कि जब्त दवाओं से जुड़े मामले की फाइल करीब एक महीने तक लंबित रखी गई. विभागीय स्तर पर इसे गंभीर लापरवाही माना गया है.
सुविधा शुल्क की आस में फाइल दबाने का आरोप
मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित तौर पर ‘सुविधा शुल्क’ मिलने की उम्मीद में कार्रवाई को टालते हुए फाइल को लंबे समय तक दबाकर रखा गया. हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है और पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है.
सहायक औषधि नियंत्रक ने दर्ज कराया मामला
सहायक औषधि नियंत्रक ललन कुमार सिन्हा ने मामले को गंभीर मानते हुए रामगढ़ चौक थाना पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज करायी. उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य में लापरवाही और नियमों की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है.
पुलिस ने शुरू की जांच
रामगढ़ चौक थानाध्यक्ष चुन्नू कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
जब्त दवाएं अब भी थाने में सुरक्षित
27 मई को जब्त की गई नशीली दवाएं फिलहाल थाना परिसर में सुरक्षित रखी गई हैं. जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
