लखीसराय. जिलाधिकारी प्रकोष्ठ में सोमवार को जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक आत्मा कुंदन कुमार ने की. इस दौरान कृषि एवं संबद्ध विभागों की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
खाद-बीज की उपलब्धता पर विशेष जोर
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने जिले में संचालित कृषि योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की. इस दौरान दलहन प्रसंस्करण, तेल प्रसंस्करण, बीज वितरण और उर्वरक की उपलब्धता की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसानों को खेती के मौसम में समय पर खाद और प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. कृषि योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए.
कस्टम हायरिंग सेंटर को सक्रिय करने पर जोर
उप निदेशक कृषि अभियंत्रण आनंद कुमार ने कस्टम हायरिंग सेंटर और सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के तहत कृषि यंत्रीकरण की प्रगति की जानकारी दी. बैठक में किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र आसानी से उपलब्ध कराने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटरों को सक्रिय रखने और कृषि यंत्रीकरण योजनाओं का व्यापक लाभ किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक कृषि उपकरणों के उपयोग से किसानों को खेती के विभिन्न कार्यों में सुविधा मिल सकती है.
एससी-एसटी बहुल क्षेत्रों पर विशेष फोकस
बैठक में जनजातीय तथा एससी/एसटी बहुल क्षेत्रों में कृषि योजनाओं के लक्षित क्रियान्वयन का निर्देश दिया गया. अधिकारियों से कहा गया कि इन क्षेत्रों के पात्र किसानों की पहचान कर उन्हें कृषि विभाग की योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाए.
आत्मा प्रशिक्षण के बाद किसानों की होगी निगरानी
आत्मा योजना के तहत किसानों के लिए आयोजित प्रशिक्षण और परिभ्रमण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रशिक्षण में शामिल किसानों की सूची व्यवस्थित रूप से संधारित की जाए. इसके साथ ही प्रशिक्षण के बाद किसानों ने कौन-कौन सी नई तकनीक या कृषि पद्धति अपनाई, इसका भी अनुश्रवण करने को कहा गया. इससे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा.
ड्रोन से होगा फसलों में कीटनाशक का छिड़काव
बैठक में पौधा संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई. फसलों में कीटनाशक एवं आवश्यक कृषि दवाओं के छिड़काव के लिए ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया. अधिकारियों के अनुसार ड्रोन के माध्यम से छिड़काव की सुविधा मिलने से किसानों को कम समय में खेतों में दवाओं का छिड़काव कराने में मदद मिल सकती है. इसके लिए किसानों को आधुनिक तकनीक के उपयोग के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया.
अधिकारियों को समयबद्ध क्रियान्वयन का निर्देश
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी के अलावा अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण आनंद कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी, सहायक निदेशक भूमि संरक्षण समेत कृषि एवं संबद्ध विभागों के अन्य अधिकारी मौजूद रहे. बैठक के अंत में सभी अधिकारियों ने दिए गए निर्देशों के अनुपालन का आश्वासन दिया. अधिकारियों ने कहा कि कृषि योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है.
