लखीसराय : सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी पर श्री इंद्रदमनेश्वर अशोक धाम मंदिर में इस बार अपेक्षा के अनुरूप श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं जुटी. सुबह से मंदिर परिसर और प्रशासन की ओर से लगाए गए बैरिकेडिंग क्षेत्र में काफी जगह खाली नजर आई. सुबह 8 बजे तक करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के जलार्पण करने की जानकारी सामने आई है.
तीसरी सोमवारी की घटना का दिखा असर
17 अगस्त को तीसरी सोमवारी पर अशोक धाम में हुई भगदड़ में आठ महिला श्रद्धालुओं की मौत और दो दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की घटना का असर चौथी सोमवारी पर भी देखने को मिला. श्रद्धालुओं के बीच घटना का डर बना हुआ है. इस वजह से पहले की तुलना में मंदिर पहुंचने वाले भक्तों की संख्या कम रही.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, गर्भगृह में प्रवेश बंद
जिला प्रशासन की ओर से इस बार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे. बालगुदर चौक, अशोक धाम हाट और बीएड कॉलेज से मंदिर तक सुरक्षा बलों की तैनाती की गई. मंदिर में जलार्पण के लिए अरघा की व्यवस्था की गई है, जबकि श्रद्धालुओं के गर्भगृह में प्रवेश पर रोक रही.
श्रद्धालुओं से अधिक नजर आए सुरक्षाकर्मी
मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी, दंडाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे. आम दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने वाला बैरिकेडिंग क्षेत्र भी काफी हद तक खाली रहा. बताया जा रहा है कि पहले चौथी सोमवारी तक जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या एक लाख से अधिक पहुंच जाती थी, जबकि इस बार सुबह 8 बजे तक यह आंकड़ा करीब 50 हजार रहा.
प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बावजूद तीसरी सोमवारी की घटना का असर श्रद्धालुओं की संख्या पर साफ दिखाई दिया.
