लखीसराय : जिला मुख्यालय स्थित लखीसराय रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 03029/03030 हावड़ा-नटेसर के ठहराव की मांग तेज होने लगी है. स्थानीय यात्रियों और रेल उपभोक्ताओं का कहना है कि लखीसराय जिले का प्रमुख यात्री स्टेशन होने के बावजूद कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव यहां नहीं है. ऐसे में यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए किऊल स्टेशन जाना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं.
किऊल जाकर ट्रेन पकड़ने में यात्रियों को परेशानी
स्थानीय यात्रियों के अनुसार लखीसराय शहर के अलावा सूर्यगढ़ा, पीरीबाजार, हलसी, रामगढ़ चौक समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग रोजाना रेल यात्रा करते हैं. नौकरी, कारोबार, पढ़ाई, इलाज और अन्य जरूरी कामों के लिए यात्रियों का पटना, मोकामा, जमालपुर, भागलपुर समेत अन्य शहरों की ओर नियमित आवागमन होता है.
यात्रियों का कहना है कि 03029/03030 ट्रेन लखीसराय स्टेशन के समीप से गुजरती है, लेकिन ठहराव नहीं होने के कारण स्थानीय यात्रियों को इसका सीधा लाभ नहीं मिल पाता. खासकर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और सामान लेकर यात्रा करने वाले लोगों को किऊल जाकर ट्रेन पकड़ने में परेशानी होती है.
दो मिनट का ठहराव मिलने से मिलेगी सुविधा
यात्रियों के अनुसार कई बार किऊल स्टेशन तक पहुंचने में देरी होने के कारण उन्हें ट्रेन छूटने का भी सामना करना पड़ता है. लोगों का कहना है कि यदि हावड़ा-नटेसर ट्रेन का लखीसराय स्टेशन पर कम से कम दो मिनट का ठहराव मिल जाये, तो जिले के बड़ी संख्या में रेल यात्रियों को सुविधा मिल सकती है.
स्थानीय लोगों ने रेल प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए 03029/03030 के लखीसराय स्टेशन पर ठहराव की मांग की है. उनका कहना है कि यहां ट्रेनों के ठहराव का विस्तार होने से यात्रियों की परेशानी कम होगी और जिले की रेल कनेक्टिविटी को भी सुविधा मिलेगी.
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