लखीसराय जिले में शोषितों, वंचितों और गरीबों के हक-अधिकारों की मुखर आवाज उठाने वाले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा माले के जिला सचिव कॉमरेड चंद्रदेव यादव आज खुद गंभीर विपदा और लाचारी के दौर से गुजर रहे हैं. लगातार हो रही बारिश और जलजमाव के कारण उनका कच्चा घर ढहने के कगार पर पहुंच गया है, वहीं उनका पूरा आंगन बरसाती पानी से लबालब भरा हुआ है. कई दिनों से अस्वस्थ चल रहे जननेता की इस बदहाली में न तो जिला प्रशासन और न ही गठबंधन के सहयोगी दलों द्वारा कोई खोज-खबर ली गई है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी मायूसी है.
दूसरों को दिलाई जमीन और छत, खुद का घर पानी में डूबा
जिले में कॉमरेड चंद्रदेव यादव की पहचान एक जुझारू और जमीनी सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में रही है:
- गरीबों के मसीहा: उन्होंने दशकों तक प्रशासन और व्यवस्था से संघर्ष कर सैकड़ों भूमिहीन व असहाय परिवारों को बासगीत जमीन का पर्चा और पक्का आवास दिलवाने में अग्रणी भूमिका निभाई.
- आज खुद लाचार: विडंबना यह है कि सैकड़ों परिवारों को छत दिलाने वाले नेता का अपना आशियाना भारी बारिश और जलजमाव के कारण लगातार दरक रहा है और गिरने की कगार पर है.
- दालान पर शरण: घर और आंगन में पानी भर जाने तथा सीलन के चलते बीमार होने के बावजूद वे दालान पर शरण लेकर रहने को विवश हैं.
बीमारी के बीच गठबंधन और प्रशासन की बेरुखी
पार्टी कार्यालय और समर्थकों की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार:
- गंभीर बीमारी से जूझ रहे: जिला सचिव पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे हैं, लेकिन विषम हालात के बावजूद उन्हें अब तक उचित चिकित्सकीय या प्रशासनिक सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई है.
- नेताओं की खामोशी: जीवनभर जनमुद्दों पर आगे रहने वाले कॉमरेड की इस हालत पर न तो महागठबंधन/सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने कोई संवेदना दिखाई और न ही स्थानीय प्रशासनिक अमले ने राहत पहुंचाने की पहल की.
तत्काल मदद और राहत की मांग
भाकपा माले कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और अलायंस के घटक दलों से अपील की है कि वे राजनीति से ऊपर उठकर इस सच्चे समाजसेवी व जनसंघर्ष के अगुआ साथी की स्थिति का संज्ञान लें तथा उनके समुचित इलाज, जल निकासी और क्षतिग्रस्त मकान की मरम्मत हेतु तत्काल हर संभव सहायता प्रदान करें.
