लखीसराय जिला मुख्यालय में रविवार को 'भूमिहार ब्राह्मण समाज' के बैनर तले एक विशाल और अनुशासित आक्रोश मार्च निकाला गया. संगठन के जिला संयोजक आलोक कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित यह प्रदर्शन शहर के ऐतिहासिक विद्यापीठ चौक से प्रारंभ होकर विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए समाहरणालय स्थित धरना स्थल पर पहुंचा. सैकड़ों की संख्या में बाइक, चार पहिया वाहनों और पैदल चल रहे समाज के लोगों ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ईडब्ल्यूएस (EWS) आरक्षण के संपूर्ण लाभ, यूजीसी (UGC) के नए नियमों में संशोधन और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने की पुरजोर मांग की.
विद्यापीठ चौक से समाहरणालय तक निकला विशाल मार्च
आक्रोश मार्च का दायरा और रूट शहर के मुख्य व्यवसायिक केंद्रों से होकर गुजरा:
- तय मार्ग: मार्च की शुरुआत विद्यापीठ चौक से हुई, जो पुरानी बाजार, नई बाजार, दालपट्टी और बाजार समिति होते हुए समाहरणालय परिसर स्थित धरना स्थल पर जाकर सभा में तब्दील हो गया.
- हाथों में तख्तियां और मांगें: प्रदर्शनकारियों के हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां थीं, जिन पर मुख्य रूप से यूजीसी के नए नियमों में बदलाव, एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर रोक, आरक्षण व्यवस्था में तर्कसंगत सुधार और EWS को संपूर्ण संवैधानिक अधिकार देने के नारे लिखे हुए थे.
धरना स्थल पर सभा: "समानता और न्याय की दिशा में ठोस कदम उठाए सरकार"
समाहरणालय धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने अपनी बात रखी:
- सरकारों की नीतियों पर सवाल: वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार समाज के इस वर्ग के जायज मुद्दों और अधिकारों की अनदेखी कर रही है. ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत मिलने वाले लाभों को जमीनी स्तर पर पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाना चाहिए.
- कानूनों के दुरुपयोग पर चिंता: सभा में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि किसी भी कानून का दुर्भावनापूर्ण और झूठा इस्तेमाल सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाता है, जिस पर प्रशासनिक व न्यायिक स्तर पर ठोस निगरानी तंत्र बनना चाहिए.
- एकजुटता का संदेश: समाज के युवाओं और प्रबुद्धजनों ने 'एकता, समानता और अधिकार' के नारों के साथ शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया.
समाहरणालय में सौंपा ज्ञापन, ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन के उपरांत समाज के एक शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर केंद्र एवं राज्य सरकार के नाम संबोधित विस्तृत मांग पत्र (ज्ञापन) प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा और अविलंब सकारात्मक कार्रवाई की मांग की.
प्रमुख रूप से उपस्थित गणमान्य व युवा:
संयोजक मनोज सिंह के साथ मुकेश जी, रामकुमार सिंह, जयशंकर सिंह, राकेश सिंह, विकास सिंह, गुलशन कुमार, मृत्युंजय कुमार, अमित राणा, अखंड भारत सेवा संघ के अजीत कुमार और राजा कुमार सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
