फोटो- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंशीपुर में ड्यूटी पर चिकित्सा एवं एएनएम | Prabhat Khabar Network

लखीसराय में अजीब फरमान से आफत: 1 KM दूर पंचायत भवन में हाजिरी के चक्कर में बंद रहा अस्पताल, 1.5 घंटे ठप रही OPD

स्वास्थ्य विभाग के नए बायोमेट्रिक उपस्थिति नियम के कारण सूर्यगढ़ा के स्वास्थ्यकर्मियों को परेशानी हो रही है. पंचायत भवन 1 किमी दूर होने और समय पर नहीं खुलने से ओपीडी सेवा डेढ़ घंटे तक प्रभावित रही. स्वास्थ्यकर्मियों को लंबी दूरी तय कर हाजिरी लगानी पड़ रही है, जिससे मरीजों को भी असुविधा हो रही है.

सूर्यगढ़ा (लखीसराय). स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बाद पंचायत स्तर पर संचालित स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पंचायत भवन में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करना परेशानी का कारण बन गया है. कई जगह पंचायत भवन स्वास्थ्य केंद्र से दूर हैं, जबकि कुछ स्थानों पर पंचायत भवन समय पर नहीं खुलने से कर्मियों को इंतजार करना पड़ रहा है. शनिवार को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंशीपुर में भी इसका असर दिखा, जहां बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के कारण ओपीडी सेवा करीब डेढ़ घंटे तक प्रभावित रही.

पंचायत भवन में ताला, डेढ़ घंटे इंतजार करते रहे स्वास्थ्यकर्मी

शनिवार को एपीएचसी बंशीपुर के चिकित्सक और एएनएम बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने पंचायत भवन पहुंचे. चिकित्साकर्मियों के अनुसार वहां ताला लगा हुआ था. इसके कारण उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा. बाद में पंचायत भवन खुलने पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज हो सकी.

इस दौरान अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को भी परेशानी हुई. करीब 11 बजे जब केंद्र का जायजा लिया गया तो वहां चिकित्सक और एएनएम मौजूद नहीं थे. लगभग 15 मिनट बाद स्वास्थ्यकर्मी केंद्र पहुंचे. चिकित्सक और कर्मियों के पहुंचने के बाद स्वास्थ्य सेवा बहाल हुई और करीब 11:30 बजे ओपीडी सेवा शुरू हो सकी.

एपीएचसी से करीब एक किलोमीटर दूर है पंचायत भवन

चिकित्सक डॉ. पूजा श्री तथा एएनएम सुनीता कुमारी और उषा कुमारी ने बताया कि विभागीय निर्देश के अनुसार पंचायत स्तर के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को पंचायत भवन जाकर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करनी है.

बंशीपुर में मेदनी चौकी बाजार स्थित दुर्गास्थान के समीप पंचायत भवन से अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की दूरी करीब एक किलोमीटर है. स्वास्थ्य कर्मियों को पहले पंचायत भवन जाकर उपस्थिति दर्ज करनी पड़ती है और इसके बाद स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर ड्यूटी करनी होती है.

बायोमेट्रिक व्यवस्था से ओपीडी सेवा प्रभावित होने की शिकायत

स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि यदि पंचायत भवन समय पर नहीं खुला तो बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने में देरी होती है. इसका सीधा असर स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ता है.

डॉ. पूजा श्री ने बताया कि विभागीय निर्देश के तहत पंचायत भवन में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है. शनिवार को पंचायत भवन बंद रहने के कारण करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिससे ओपीडी सेवा प्रभावित हुई.

फोटो- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंशीपुर में ड्यूटी पर चिकित्सा एवं एएनएम | Prabhat Khabar Network

चार एएनएम पदस्थापित, दो की सीएचसी में प्रतिनियुक्ति

अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंशीपुर में चार एएनएम पदस्थापित हैं. इनमें रूबी कुमारी और सुनीता कुमारी की प्रतिनियुक्ति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सूर्यगढ़ा में की गयी है. वहीं एक एएनएम के फील्ड वर्क में रहने के कारण केंद्र की नियमित व्यवस्था का जिम्मा मुख्य रूप से एएनएम उषा कुमारी पर रहता है.

स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार दो एएनएम की सीएचसी सूर्यगढ़ा में प्रतिनियुक्ति के कारण भी केंद्र के कामकाज पर असर पड़ रहा है.

अपना भवन नहीं, किराये के भवन में चल रहा एपीएचसी

अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंशीपुर का अपना भवन भी नहीं है. केंद्र फिलहाल किराये के भवन में संचालित हो रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र के लिए जमीन उपलब्ध कराकर विभाग को स्थायी भवन का निर्माण कराना चाहिए, ताकि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर सुविधा मिल सके.

रोजाना 30 से 35 मरीजों की होती है ओपीडी

चिकित्सक डॉ. पूजा श्री के अनुसार एपीएचसी बंशीपुर में प्रतिदिन औसतन 30 से 35 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं. केंद्र पर ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और हीमोग्लोबिन समेत विभिन्न जांच की सुविधा उपलब्ध है. केंद्र में करीब 148 प्रकार की दवाएं उपलब्ध होने की बात भी बतायी गयी.

हर माह 9, 15 और 21 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत एएनसी जांच शिविर का आयोजन किया जाता है.

शुद्ध पेयजल और बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था का भी अभाव

एपीएचसी में मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए शुद्ध पेयजल की भी समस्या है. केंद्र में आरओ की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को बोतलबंद पानी पर निर्भर रहना पड़ता है. वहीं बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी परेशानी होती है. केंद्र में न तो जनरेटर की सुविधा है और न ही इनवर्टर की व्यवस्था. इसके कारण बिजली कटने पर स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में दिक्कत आती है.

स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था सुधारने की मांग

स्थानीय लोगों ने एपीएचसी बंशीपुर के लिए स्थायी भवन, शुद्ध पेयजल, बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था और पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है. साथ ही बायोमेट्रिक उपस्थिति की ऐसी व्यवस्था करने की मांग उठ रही है, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित हो और मरीजों को समय पर ओपीडी सेवा भी मिल सके.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By राजेश गुप्ता

राजेश गुप्ता प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सूर्यगढ़ा (लखीसराय) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >