लखीसराय, बड़हिया. नगर स्थित सिद्धपीठ मां बाला त्रिपुरसुंदरी मंदिर में दैनिक पूजा व्यवस्था को लेकर नया नियम लागू किया गया है. अब प्रतिदिन दोपहर 12:30 बजे से 1 बजे तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे. इस अवधि में मां बाला त्रिपुरसुंदरी को राजभोग अर्पित किया जाएगा. पूजा और भोग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोपहर 1 बजे से श्रद्धालुओं के लिए फिर से सामान्य दर्शन शुरू हो जाएंगे.
राजभोग के दौरान आधे घंटे बंद रहेगा मंदिर का कपाट
मंदिर समिति के अनुसार श्रावण शुक्ल पक्ष की एकादशी से नई व्यवस्था लागू की गई है. प्रतिदिन दोपहर 12:30 बजे से राजभोग की प्रक्रिया शुरू होगी. इस दौरान मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर मां को भोग अर्पित किया जाएगा. राजभोग के लिए करीब आधे घंटे तक श्रद्धालुओं का प्रवेश और दर्शन बंद रहेगा. दोपहर 1 बजे पूजा प्रक्रिया पूरी होने के बाद कपाट दोबारा खोल दिए जाएंगे और श्रद्धालु सामान्य रूप से मां के दर्शन कर सकेंगे.
रात 9 बजे भी अर्पित होगा शयन भोग
दैनिक पूजा व्यवस्था में एक और बदलाव किया गया है. अब मंदिर में रात 9 बजे मां को शयन भोग अर्पित करने की व्यवस्था भी शुरू की गई है. मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं को अपने नाम से राजभोग और शयन भोग अर्पित कराने का अवसर दिया जा रहा है.
इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार मां को भोग अर्पित करा सकेंगे. मंदिर समिति की ओर से पूजा की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भोग अर्पण की व्यवस्था की जा रही है.
दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु समय का रखें ध्यान
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दोपहर 12:30 बजे से 1 बजे तक कपाट बंद रहने की नई व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दर्शन का समय निर्धारित करें. समिति ने कहा कि राजभोग के दौरान पूजा प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए और दैनिक पूजा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रहे, इसके लिए श्रद्धालुओं का सहयोग आवश्यक है.
मंगलवार और शनिवार को उमड़ती है विशेष भीड़
मां बाला त्रिपुरसुंदरी धाम में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. खासकर मंगलवार और शनिवार को मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ उमड़ती है. ऐसे में दोपहर में कपाट बंद रहने की नई व्यवस्था की जानकारी श्रद्धालुओं तक पहुंचाना जरूरी माना जा रहा है, ताकि दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़े.
पूजा परंपरा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ध्यान
मंदिर समिति की ओर से लागू की गई नई व्यवस्था के तहत जहां राजभोग और शयन भोग की पूजा प्रक्रिया को नियमित किया गया है, वहीं श्रद्धालुओं को भी निर्धारित समय की जानकारी दी जा रही है. दोपहर 1 बजे के बाद दर्शन सामान्य रूप से जारी रहेगा. श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे मंदिर की दैनिक पूजा व्यवस्था और निर्धारित समय का पालन करते हुए मां बाला त्रिपुरसुंदरी के दर्शन करें और मंदिर प्रशासन को सहयोग दें.
