लखीसराय जिले के श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोक धाम) में सावन माह की तीसरी सोमवारी पर एक दर्दनाक हादसा हो गया. श्रद्धालुओं के बीच अचानक बिजली के तार में करंट प्रवाहित होने की अफवाह फैल गई, जिसके बाद मौके पर भीषण भगदड़ मच गई. इस हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल हो गए. घटना के बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई और बदहवास लोग अपने परिजनों को ढूंढते नजर आए.
घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
हादसे की भयावह खबर मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया. प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को फौरन नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है. घटना के बाद पूरे मंदिर परिसर में अफरातफरी का माहौल कायम रहा और लोग अपनों की तलाश में भागते दिखे.
प्रशासन और मंदिर प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद प्रत्यक्षदर्शियों और मृतक महिलाओं के परिजनों ने इस त्रासदी के लिए स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है. परिजनों का स्पष्ट कहना है कि सोमवारी के अवसर पर जुटने वाली भारी भीड़ का अनुमान होने के बावजूद सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के कोई कारगर उपाय नहीं किए गए थे. वहीं, एक प्रत्यक्षदर्शी ने यह दावा किया कि परिसर में गिरे हुए एक बिजली पोल के तार में वास्तव में करंट प्रवाहित हो रहा था. इसी वजह से अफवाह फैली और स्थिति पूरी तरह अनियंत्रित हो गई.
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए
फिलहाल पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को अपने कब्जे में ले लिया है और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है. प्रशासन का दावा है कि मंदिर परिसर और आसपास की स्थिति को अब पूरी तरह नियंत्रण में कर लिया गया है, हालांकि इस दर्दनाक घटना के बाद से ही श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में लचर व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है.
