लखीसराय. जिला परिषद लखीसराय में विकास कार्यों के नाम पर भारी अनियमितता और सरकारी राशि की बंदरबांट का मामला प्रकाश में आया है. जिप सदस्य सह जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष भानु कुमार ने जिला परिषद के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े किये हैं. भानु कुमार ने आरोप लगाया कि जिले में दो ही संवेदकों के सहारे जिला परिषद की पूरी राशि का बंदरबांट किया जा रहा है. उन्होंने एक चौंकाने वाला उदाहरण देते हुए बताया कि रामगढ़ के बिल्लो गांव में एक कार्य का टेंडर होने से पहले ही लगभग 14 लाख रुपये की निकासी कर ली गयी. आरोप है कि ये संवेदक जिला परिषद अध्यक्ष के करीबी हैं, जिन्हें बाढ़ और बड़हिया क्षेत्रों से लाया गया है. भवन निर्माण से लेकर हैंडपंप, जिम और पुस्तकालय में किताबों की आपूर्ति तक का सारा काम इन्हीं चुनिंदा ठेकेदारों को दिया जा रहा है. प्रेस विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया कि लघु सिंचाई के पदाधिकारी पर दबाव बनाकर टेंडर की प्रक्रिया पूरी करवाई जा रही है. दावा किया कि जिला परिषद की बैठकों की कार्यवाही बैठक होने से पहले ही तैयार कर ली जाती है. उन्होंने अध्यक्षा की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रोसिडिंग में केवल एक ही नाम की चर्चा रहती है. भानु कुमार और अन्य सदस्य चुनचुन देवी ने डीएम से 15 दिनों के भीतर व्यवस्था में सुधार की मांग की है. कहा कि ऐसा नहीं हुआ, तो अन्य सदस्य उनके कार्यालय में उग्र प्रदर्शन को बाध्य होंगे.
टेंडर से पहले राशि की निकासी का आरोप, दी आंदोलन की चेतावनी
जिला परिषद लखीसराय में हो रही अनियमितता
