पीरीबाजार : थाना क्षेत्र की कसवा पंचायत स्थित अभयपुर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) में चिकित्सक के सेवानिवृत्त होने के बाद स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो गयी है. डॉक्टर के रिटायर होने के करीब एक सप्ताह बाद भी नयी तैनाती नहीं होने से चिकित्सा कक्ष पर ताला लटका हुआ है. इलाज की उम्मीद में स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे मरीजों को बिना उपचार के लौटना पड़ रहा है.
छह गांवों के मरीजों की बढ़ी परेशानी
अभयपुर एपीएचसी आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों के लिए प्राथमिक उपचार का प्रमुख केंद्र माना जाता है. सामान्य बुखार, सर्दी-खांसी सहित अन्य बीमारियों के इलाज के लिए ग्रामीण इसी स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर रहते हैं. डॉक्टर के रिटायर होने के बाद परिसर में सन्नाटा पसरा है. भवन और जरूरी संसाधन मौजूद होने के बावजूद चिकित्सक के अभाव में ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है.
समय रहते नहीं हुई वैकल्पिक व्यवस्था
ग्रामीणों का आरोप है कि चिकित्सक के सेवानिवृत्त होने की जानकारी विभाग को पहले से थी, बावजूद इसके समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गयी. अब मरीजों को दूसरे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों या निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है. इससे खासकर गरीब परिवारों पर इलाज का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है.
दो-तीन दिनों में डॉक्टर की तैनाती का आश्वासन
सूर्यगढ़ा के प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि अभयपुर एपीएचसी में चिकित्सक नहीं होने की समस्या से सिविल सर्जन, लखीसराय को अवगत करा दिया गया है. उन्होंने कहा कि दो से तीन दिनों के भीतर चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति कर दी जाएगी.
फिलहाल ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग के आश्वासन पर नजरें टिकाये हुए हैं. वहीं डॉक्टर की तैनाती में हो रही देरी ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिये हैं.
