सीएस ने 18 चिकित्सकों का वेतन भुगतान रोका

उपस्थिति बनाने में बायोमीट्रिक पद्धति का नहीं कर रहे थे उपयोग 15 नवंबर को प्रभात खबर में छपी खबर पर सीएस ने की कार्रवाई लखीसराय : सदर अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों द्वारा बायोमीट्रिक पद्धति का उपयोग उपस्थिति दर्ज कराने में नहीं किये जाने पर सिविल सर्जन डॉ राजकिशोर प्रसाद ने सभी 18 चिकित्सकों से दो […]

उपस्थिति बनाने में बायोमीट्रिक पद्धति का नहीं कर रहे थे उपयोग

15 नवंबर को प्रभात खबर में छपी खबर पर सीएस ने की कार्रवाई
लखीसराय : सदर अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों द्वारा बायोमीट्रिक पद्धति का उपयोग उपस्थिति दर्ज कराने में नहीं किये जाने पर सिविल सर्जन डॉ राजकिशोर प्रसाद ने सभी 18 चिकित्सकों से दो दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही स्पष्टीकरण पर अंतिम निर्णय होने तक वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है.
सीएस ने 15 नवंबर को प्रभात खबर में चिकित्सक नहीं करते बायोमीट्रिक पद्धति का प्रयोग संबंधी खबर छपने पर इसे गंभीरता से लिया है. इन्होंने अपने जारी पत्र में लिखा है कि चिकित्सक उपस्थिति बायोमीट्रिक मशीन से दर्ज नहीं कराते हैं. मनमाने ढ़ंग से अस्पताल कार्य के निर्धारित समय से विलंब से पहुंचते हैं
तथा कार्य समाप्ति अवधि के पहले अस्पताल छोड़ कर चले जाते हैं. कुछ तो ड‍्यूटी पर आते भी नहीं है. इसे सीएस ने उच्चाधिकारी के आदेश का अवहेलना, कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासन हीनता का परिचायक बताया है. इस आशय का पत्र असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी समेत सभी संबंधित 18 चिकित्सकों को भेजा गया है. ज्ञात हो कि सिविल सर्जन के ज्ञापांक 1478 दिनांक 13 अक्तूबर के आलोक में 26 अक्तूबर को कार्यालय से पत्र जारी कर सभी चिकित्सकों को एक नवंबर से उपस्थिति के लिए फिंगर बायोमीट्रिक पद्धति अपनाने का निर्देश दिया गया था. इसका अनुपालन चिकित्सकों द्वारा नहीं किया जा रहा है. सिविल सर्जन ने विभागीय निर्देश का पालन सुनिश्चित कराये जाने की बात कही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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