11 हजार मामलों का निबटारा

व्यवहार न्यायालय परिसर में बनाये गये थे 12 बेंच लखीसराय : व्यवहार न्यायालय परिसर लखीसराय में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान गठित कुल 12 बेंच के माध्यम से विभिन्न मामलों से संबंधित 11 हजार 143 वादों का समझौता के आधार पर निष्पादन किया गया. शनिवार को इस लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ […]

व्यवहार न्यायालय परिसर में बनाये गये थे 12 बेंच

लखीसराय : व्यवहार न्यायालय परिसर लखीसराय में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान गठित कुल 12 बेंच के माध्यम से विभिन्न मामलों से संबंधित 11 हजार 143 वादों का समझौता के आधार पर निष्पादन किया गया. शनिवार को इस लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश मदन किशोर कौशिक ने दीप प्रज्वलित कर किया.
विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह एडीजे तृतीय त्रिभुवन नाथ ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान बैंक से संबंधित 228, बिजली के 88, बीएसएनएल के 5, जीआर से संबंधित मनरेगा के 1971, धारा 107 के 285, दाखिल खारिज के 6794 के अलावे अन्य कल्याण संबंधित 1855 मामलों का समझौता के आधार पर निष्पादन किया गया. इसमें बैंक से संबंधित हुए समझौता में 37 लाख 10 हजार 900 रुपया, बिजली विभाग में 1 लाख 67 हजार 44 रुपया,
बीएसएनएल मामलों में 9200 रुपया का समझौता हुआ. वादों के निष्पादन के दौरान शेष राशि के लिए समय का भी निर्धारण किया गया. प्रथम बेंच पर न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ज्योतिंद्र कुमार सिन्हा, द्वितीय बेंच पर एडीजे प्रथम अनिल कुमार सिंह, तृतीय बेंच पर एडीजे तृतीय त्रिभुवन नाथ , चौथे बेंच पर सीजेएम नारायण दास शर्मा, पांचवें बेंच पर एसीजेएम प्रथम मनीष द्विवेदी, छठें बेंच पर एसीजेएम द्वितीय उमाशंकर , सातवें बेंच पर एसीजेएम तृतीय दीपक कुमार,
आठवें बेंच पर एसडीजेएम अरुण कुमार सिन्हा, नौवें बेंच पर मुंसिफ नरेश महतो, 10वें बेंच पर न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय श्रेणी कुमार प्रभाकर, 11वें बेंच पर न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय श्रेणी दिवाकर कुमार तथा 12वें बेंच पर रेलवे एसीजेएम चंद्रवीर सिंह द्वारा मामला का निष्पादन किया गया.
लोक अदालत का उद्घाटन करते जिला सत्र न्यायाधीश मदन किशोर कौशिक.
बिजली विभाग का नहीं मिला सहयोग
वहीं बिजली विभाग अधिकारियों के असहयोगात्मक रवैये के कारण नेशनल लोक अदालत लखीसराय द्वारा गठित बैंच संख्या 05 में कई वादों का निस्तारण बाधित हुआ. पीठासीन पदाधिकारी मनीष द्विवेदी व बेंच के सदस्यों ने इसकी शिकायत अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय सह डालसा सचिव लखीसराय त्रिभुवन नाथ से किया है. पीठासीन पदाधिकारी मनीष द्विवेदी ने बताया कि इस तरह का एक मामला जीआर संख्या 330/13 जो सीजेएम लखीसराय के न्यायालय में विचाराधीन है
एक अभियुक्त अशोक सिंह पर 50 हजार रुपया फाइन कर मामला को निष्पादित करने का प्रयास किया, लेकिन बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं लोक अदालत में आये कर्मचारी के असहयोगात्मक रवैया के चलते वाद का निष्पादन नहीं हो सका. उन्होंने बताया कि उक्त वाद में पूर्व मे आयोजित 2013 के लोक अदालत में एक अभियुक्त जितेन्द्र यादव को 40 हजार रुपया फाइन कर वाद में सुलह कराया गया था. इस संदर्भ में डालसा लखीसराय के सचिव त्रिभुवन नाथ ने बताया कि बिजली विभाग के उदासीन रवैये के कारण सैकड़ों वादों का निष्पादन बाधित हुआ. कुछ ऐसे भी वाद थे जहां ट्रांसफार्मर जला था वहां के उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिलती. गलत बिजली बिल का भी मामला था, लेकिन बिजली विभाग के उदासीन रवैये के कारण ऐसे वाद का भी निष्पादन नहीं हो सका. बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से भी बात की गयी लेकिन उन्होंने भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी. इस संदर्भ में डालसा सचिव त्रिभुवन नाथ ने बालसा बिहार से शिकायत कर विभाग पर कार्रवाई करने की बात कही है. इस संबंध में बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता मृत्युंजय कुमार सिंह ने बताया कि अशोक सिंह पर एक लाख सात हजार रुपया बकाया है़ 50 हजार रुपये में मामला समाप्त करने की बात कही जा रही थी, जो उनके लिए संभव नहीं था़ गलती पूर्व में हुई हो वही गलती वो भी करें यह नहीं हो सकता़ वहीं उन्होंने ट्रांसफारमर जले होने की बात पर कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी के द्वारा प्रखंड स्तर पर एक प्रभारी पदाधिकारी की देख रेख में कमेटी गठित कर जांच की बात कही गयी थी़ जांच रिपोर्ट आने के बाद ही ऐसे मामले का निष्पादन संभव है़

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