नक्सली प्रवक्ता अविनाश ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की
चानन : मार्बल व्यवसायी बंधु अपहरण कांड में पुलिस के द्वारा कजरा थाना क्षेत्र के सिमरातरी कोड़ासी से व्यवसायी बंधु के सकुशल बरामदगी के बाद अपराधियों व नक्सलियों के गठजोड़ की बात कहे जाने पर नक्सली प्रवक्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसका कड़ा विरोध किया है़
बिहार-झारखंड सीमांत जोनल कमेटी के प्रवक्ता अविनाश कुमार ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि रंजीत मंडल उर्फ रंजीत डॉन गिरोह ने मार्बल व्यवसायी के दो पुत्र कपिल शर्मा एवं सुरेश शर्मा का 21 अक्तूबर को पटना से अपहरण कर दो सौ किलोमीटर दूर लखीसराय जिले के चानन लाया गया और सिमरातरी कोड़ासी में रखा़ जिसके बाद पुलिस के अनुसार मोबाइल लोकेशन के आधार पर 26 अक्तूबर को दोनों भाइयों को मुक्त कराया गया़ साथ ही पुलिस ने यह आरोप लगा दिया कि रंजीत मंडल गिरोह का तार नक्लसियों से जुड़ा है, इसलिए नक्सली इलाका में छुपाकर रखने आदि का आरोप लगाया गया़ जिसका भाकपा माओवादी के बिहार झारखंड सीमांत जोनल कमेटी खंडन करती है तथा पुलिस द्वारा लगाये गये आरोपों को बेबुनियाद व तथ्यहीन बताती है़
विज्ञप्ति में नक्सली प्रवक्ता ने कहा कि उपरोक्त घृणित काम पार्टी कभी नहीं किया और न ही करेगी़ पार्टी तो इन्हीं सामंती गुंडों के खिलाफ लड़ रही है़ जिसका बचाव ये पुलिस वाले लोग करते हैं. विज्ञप्ति में कहा गया कि जितना भी अपहरण, हत्या, बलात्कार, छिनतई, चोरी, डकैती हो रही है सब पुलिस के आलाधिकारियों के गठजोड़ से हो रही है़
जितने भी गिरोह इलाके में सक्रिय है सभी का पुलिस ऑफिसर एवं राजनेता का संरक्षण प्राप्त है़ यही लोग सामंती गुंडों को पाल रखे हैं और जनता पर दमन अत्याचार करवाते हैं तथा पार्टी को बदनाम करते हैं. उन्होंने कहा कि यह विचार करने वाली बात है कि पटना एयरपोर्ट जहां सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहता है
वहां से अपहरण कर गाड़ी से 200 किलोमीटर का रास्ता तय कर चानन थाना के जंगली क्षेत्र में लाया जाना यह दर्शाता है कि यह कांड में पुलिस के सहयोग बिना नहीं हो सकता है़ उन्होंने कहा कि जहां तक पार्टी इलाके का सवाल है तो पार्टी इलाके में हत्या अपहरण, चोरी, डकैती, बलात्कार इत्यादि नहीं होती है, अगर होती है तो पार्टी को बदनाम करने के लिए यही पुलिस लोग साजिश के तहत इन्हीं सामंती गुंडों से ऐसा कार्य करवाते हैं.
अपराधी नक्सली गंठजोड़ के लगाये गये आरोपों को बताया मनगढ़ंत
अपराधियों को संरक्षण देने का पुलिस पर ही लगाया आरोप
जंगली इलाकों में जब भी पुलिस प्रवेश करती है तो उसकी जानकारी नक्सलियों को हो जाती है और अपराधी के प्रवेश पर उन्हें जानकारी नहीं होती है़ अपने बचाव में तर्क देना उन लोगों का काम है. लेकिन मामले में इनलोगों की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता़
पंकज कुमार, एसडपीओ
