लेटलतीफी यहां की पहचान

पटना से रिजर्वेशन क्लर्क आने की वजह से बराबर बनती है यह स्थिति रविवार को एक घंट विलंब से खुला रेलवे का रिजर्वेशन काउंटर परेशान रहे रेलयात्री लखीसराय : जिला मुख्यालय का सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन होने की वजह से लखीसराय जंकशन का अपना विशेष महत्व है, लेकिन रेलवे प्रशासन की उदासीनता की वजह से यह […]

पटना से रिजर्वेशन क्लर्क आने की वजह से बराबर बनती है यह स्थिति

रविवार को एक घंट विलंब से खुला रेलवे का रिजर्वेशन काउंटर
परेशान रहे रेलयात्री
लखीसराय : जिला मुख्यालय का सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन होने की वजह से लखीसराय जंकशन का अपना विशेष महत्व है, लेकिन रेलवे प्रशासन की उदासीनता की वजह से यह स्टेशन उपेक्षा का शिकार बनता रहा है़ एक तो इस स्टेशन पर यात्री सुविधा के नाम पर रेलवे द्वारा सिर्फ छह घंटे के लिए एक मात्र रिजर्वेशन काउंटर की व्यवस्था है़ उस पर भी यह काउंटर रविवार तथा जिस भी दिन पटना की ओर से आनेवाली शताब्दी एक्सप्रेस विलंब हो जाती है
उस दिन लोगों को घंटों रिजर्वेशन काउंटर खुलने का इंतजार करना पड़ता है़ स्टेशन प्रबंधक के अनुसार रिजर्वेशन काउंटर के कर्मी पटना से प्रतिदिन लखीसराय पहुंच अपनी ड्यूटी करते हैं. कर्मी के आने के बाद ही काउंटर खुलता है़ इस संबंध में स्थानीय रेलवे अधिकारी से लेकर दानापुर रेल मंडल के अधिकारियों तक को जानकारी होने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस उपाय नहीं किये जा रहे हैं. रविवार को भी कुछ ऐसा ही नजारा लखीसराय स्टेशन पर देखने को मिला.
रविवार को पटना से आने वाली नांगड़डैम एक्सप्रेस लगभग नौ बजे क्लर्क के आने के बाद रिजर्वेशन काउंटर खुला़ जबकि रिजर्वेशन काउंटर खुलने का समय सुबह आठ बजे ही है़ इस दिशा में स्थानीय लोगों ने कई बार रेलवे के वरीय अधिकारियों को पत्र लिखकर एवं स्वयं भेंट कर लखीसराय जंकशन में स्थित रिजर्वेशन काउंटर को 12 घंटे खोले जाने की मांग की. इसके कर्मचारियों को स्थानीय स्तर पर रहने के निर्देश देने की मांग की, लेकिन रेलवे द्वारा तकनीकी कारणों को गिनाते हुए इस मांग पर विचार नहीं होने की बात कही जाती रहती है़
सुबह 09 : 45 बजे भी काउंटर बंद
सुबह पौने नौ बजे रिजर्वेशन काउंटर खुलने की आस में खड़े यात्री.
लखीसराय जंकशन की विभागीय उपेक्षा
दैनिक यात्री संघ के पूर्व संरक्षक सह वार्ड पार्षद गौतम कुमार ने कहा कि रेलवे हमेशा से लखीसराय रेलवे स्टेशन को उपेक्षा भरी नजरों से देखता आ रहा है़ यहां से अच्छी आय होने के बावजूद रेलवे द्वारा यहां सुविधाओं का ख्याल नहीं रखा जाता है़ रिजर्वेशन काउंटर के 12 घंटे करने की मांग हमेशा उठती है लेकिन रेलवे द्वारा तकनीकी कारणों का हवाला देकर इससे इनकार कर दिया जाता रहा है़ उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर आवास लेकर कर्मचारी रहें तो यहां टिकटों की संख्या में और बढ़ोतरी होगी़
टाल से जलनिकासी की प्रक्रिया हुई शुरू

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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