स्वामी विवेकानंद ने सिमुलतला को कहा था तपोभूमि सिमुलतला.आज सिमुलतला जिस पर्यटक स्थल के नाम से चर्चित है यहां प्रत्येक वर्ष पर्यटकों का जो सैलाब उमड़ता है, उसमें स्वामी विवेकानंद की अहम भूमिका है. उन्होंने ही सिमुलतला को तपोभूमि कहा था. उक्त बाते मंगलवार को स्वामी विवेकानंद नर्सिंग स्कूल सह आवासीय विद्यालय सिमुलतला में आयोजित स्वामी जी के जयंती समारोह को संबोधित करते हुए नर्सिंग स्कूल के प्राचार्य सुप्रभात पंडा ने कहा. बताया कि 1886 ईसवी में स्वामी विवेकानंद पहली दफा स्वास्थ्य लाभ के लिए सिमुलतला आये थे. उन्होंने सिमुलतला के स्वास्थो कोठी में लगभग 15 दिनों तक प्रवास किया था. यहां कि स्वच्छ जलवायु से काफी प्रभावित हुए थे और इसके उपरांत कोलकाता में एक चर्चा के दौरान उन्होंने सिमुलतला को पतोभूमि कहा था. उनकी इस वाणी से प्रभावित होकर यहां पर्यटकों का सैलाब उमड़ने लगा और सिमुलतला का नाम भारत के मानचित्र में आ गया. संस्थान के आवासीय विद्यालय यूनिट की प्राचार्या लक्ष्मी मन्ना के नेतृत्व में आयोजित जयंती समारोह के दौरान संस्थान के कर्मियों सहित छात्र-छात्राओं ने स्वामी जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया. मौके पर उप प्राचार्य नीरज कुमार, आशीष सिन्हा, रितु कुमारी, लालबहादुर यादव, आशीष विद्यार्थी, अजय राज, रीना देवी, विनोद पासवान, बबलू साह सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे.
स्वामी विवेकानंद ने सिमुलतला को कहा था तपोभूमि
स्वामी विवेकानंद ने सिमुलतला को कहा था तपोभूमि सिमुलतला.आज सिमुलतला जिस पर्यटक स्थल के नाम से चर्चित है यहां प्रत्येक वर्ष पर्यटकों का जो सैलाब उमड़ता है, उसमें स्वामी विवेकानंद की अहम भूमिका है. उन्होंने ही सिमुलतला को तपोभूमि कहा था. उक्त बाते मंगलवार को स्वामी विवेकानंद नर्सिंग स्कूल सह आवासीय विद्यालय सिमुलतला में आयोजित […]
