लखीसराय. पीरीबाजार थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में एक बुजुर्ग और युवती की शादी से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में दोनों को शादी की रस्में निभाते हुए देखा जा सकता है. वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. लोग शादी की वास्तविक परिस्थितियों और युवती की उम्र को लेकर जानकारी हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं.
शादी की रस्मों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
वायरल वीडियो में बुजुर्ग और युवती शादी की रस्में निभाते हुए दिखाई दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि वीडियो पीरीबाजार थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने के बाद लोग इसे एक-दूसरे के साथ साझा कर रहे हैं. वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं.
युवती की उम्र को लेकर उठ रहे सवाल
शादी से जुड़े वीडियो के सामने आने के बाद कुछ लोगों द्वारा युवती के नाबालिग होने का दावा किया जा रहा है. हालांकि अभी तक युवती की उम्र को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
केवल वायरल वीडियो के आधार पर युवती की उम्र के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा. वास्तविक उम्र की पुष्टि जन्म प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र या अन्य वैध दस्तावेजों के आधार पर ही की जा सकती है.
नाबालिग होने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान
यदि जांच में युवती की उम्र 18 वर्ष से कम पाई जाती है, तो शादी का मामला बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत कानूनी जांच के दायरे में आ सकता है. ऐसे मामलों में संबंधित परिस्थितियों, उम्र और विवाह में शामिल लोगों की भूमिका के आधार पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा कार्रवाई की जाती है.हालांकि इस मामले में युवती की वास्तविक उम्र और शादी की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है.
पुलिस-प्रशासन के बयान का इंतजार
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर पीरीबाजार पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. पुलिस की ओर से जांच किए जाने के बाद ही वीडियो की सत्यता, शादी की परिस्थितियों और युवती की उम्र से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी.
स्थानीय लोगों ने की जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि युवती की सही उम्र और शादी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि यदि किसी नियम या कानून का उल्लंघन हुआ है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जा सके. फिलहाल मामला वायरल वीडियो और स्थानीय चर्चाओं तक सीमित है. आधिकारिक जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.