वर्चस्व की जंग में गयी मदन मिस्त्री की जान सिकंदरा . बीते 19 दिसंबर 2014 को हुई कैलाश महतो की हत्या के बाद से ही कुरहाडीह गांव में वर्चस्व स्थापित करने को लेकर दो गुटों में घमासान मचा हुआ है. कैलाश महतो की हत्या के बाद से इन दोनों गुटों के बीच कई बार झड़प व गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी है. आपसी वर्चस्व की इस जंग में एक गुट का नेतृत्व कैलाश महतो का भाई अवधेश महतो कर रहा है तो दूसरे गुट का कमान कैलाश महतो के हत्या का नामजद अभियुक्त चंदन मिस्त्री ने थाम रखा है.लोसघानी निवासी मदन मिस्त्री चंदन मिस्त्री का साढू या और उसका अक्सर चंदन मिस्त्री के घर आना जाना लगा रहता था. मदन मिस्त्री मिर्जागंज में हार्डवेयर की दुकान चलाता था और लोसधानी से मिर्जाजंग में हार्डवेयर की दुकान कुरहाडीह होकर ही जाता है और आते-आते अक्सर मदन मिस्त्री अपने साढू के घर पर कुछ देर के लिए रूक जाता था. यही बात अवधेश महतो को खटकने लगा. ग्रामीणों का आरोप है कि इसी वजह से खार खाये अवधेश महतो ने मदन मिस्त्री की हत्या कर दी. ग्रामीणों का कहना था कि मदन मिस्त्री की हत्या के बाद अपराधियों ने उसके सर को काट कर कैलाश महतो की समाधी पर ले जाकर चढ़ाया और पूजा पाठ किया. उसके बाद सर को ठिकाने लगाया गया. ग्रामीणों के आरोप के बाद कैलाश महतो की समाधी पर पहुंची तो पुलिस ने भी जमीन पर लाल रंग का धब्बा पाया. जिसके बाद पुलिस ने वहां की मिट्टी को मदन मिस्त्री के खून से मिलान करने के लिए जब्त किया. घटना के बाद शनिवार को कुरहाडीह पहुंचं एसपी जयंतकांत को ग्रामीणों ने अवधेश महतो के अपने ही घर में छुपे होने की जानकारी दी. ग्रामीणों द्वारा दी गयी जानकारी के बाद एसपी जयंतकांत ने स्वयं पुलिस बलों के साथ अवधेश महतो के घर की तलाशी ली. इस दौरान घर में सिर्फ महिलाएं ही मौजूद थी. वहीं मीडिया कर्मियों की मौजूदगी में की गयी घर की तलाशी में किसी प्रकार का अवांधित सामान नहीं पाया गया.
वर्चस्व की जंग में गयी मदन मस्त्रिी की जान
वर्चस्व की जंग में गयी मदन मिस्त्री की जान सिकंदरा . बीते 19 दिसंबर 2014 को हुई कैलाश महतो की हत्या के बाद से ही कुरहाडीह गांव में वर्चस्व स्थापित करने को लेकर दो गुटों में घमासान मचा हुआ है. कैलाश महतो की हत्या के बाद से इन दोनों गुटों के बीच कई बार झड़प […]
