मन से मांगी मुराद पुरी करती है मां दुर्गा

मन से मांगी मुराद पुरी करती है मां दुर्गा फोटो 3( नदी से मंदिर तक दंडवत देते श्रद्घालु)प्रतिनिधि, गिद्धौर प्रखंड के ऐतिहासिक मां दुर्गा मंदिर परिसर में मां के अराधना को लेकर बिहार व झारखंड के श्रद्धालुओं का तांता लग गया है. नवरात्र के अवसर पर मां के कलश स्थापन से महानवमी तक पौराणिक काल […]

मन से मांगी मुराद पुरी करती है मां दुर्गा फोटो 3( नदी से मंदिर तक दंडवत देते श्रद्घालु)प्रतिनिधि, गिद्धौर प्रखंड के ऐतिहासिक मां दुर्गा मंदिर परिसर में मां के अराधना को लेकर बिहार व झारखंड के श्रद्धालुओं का तांता लग गया है. नवरात्र के अवसर पर मां के कलश स्थापन से महानवमी तक पौराणिक काल से चली आ रही दंडवत देने की प्रथा के तहत हजारों श्रद्धालु भक्त नित्य मां के मंदिर तक पहंुच रहे हैं. इस लेकर कहावत प्रचलित है कि गिद्धौर स्थित पावन उलाय नदी तट पर स्नान ध्यान कर मां को दंड प्रणाम करने से मां परसंडा अपने भक्तों के सारे कष्टों को हर लेती है. दशहरा में दंडवत देने के लिये दूरदराज से आ रहे श्रद्धालुओं में बच्चे, जवान सभी एकाग्रचित होकर मां परसंडा की भक्ति में लीन हो जाते है. ऐसा माना जाता है कि जैन धर्म में वर्णित उज्वलिया नदी वर्तमान में उलाय नदी व नागी नदी के संगम जल में स्नान कर जो दंपति मां को दंड प्रणाम करते है. उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है. इस तरह से पौराणिक काल से ही कई धार्मिक ग्रंथों में भी गिद्धौर के मां दुर्गा मंदिर के ऐतिहासिकता का भी वर्णन है. दंडवत देने आनेवाले दूर दराज के श्रद्धालुओं द्वारा दंडवत देने के उपरांत फूल, बेलपत्र सहित कई तरह के नवैद्यो को अर्पण कर मां परसंडा की पूजा अर्चना की जाती है. दंडवत देने की यह प्रथा प्रथम पूजा से महानवमी तक अनवरत चलते रहती है.

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