विधि-व्यवस्था बेकाबू , स्थानांतरण की मांग चंद्रमंडीह . थाना क्षेत्र में लूट, अपहरण, चोरी, छिनतई जैसे कांडों के वांछित अपराधी चिराग तले अंधेरा की पंक्ति को चरितार्थ कर रहे है. सूत्रों की मानें तो इन कांडो में संलिप्त अपराधी पुलिस के ईद-गिर्द खुलेआम घूमते नजर आते हैं. लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन को इसकी भनक नहीं मिलती है. जिससे वर्तमान पुलिस व्यवस्था पर क्षेत्र के लोग प्रश्न चिंह खड़ा करने लगे है़ं थाना क्षेत्र के बटिया घाटी, धोबघट नदी पुल हो या फिर चकाई-देवघर मुख्य मार्ग के आरोग्य आश्रम की सड़क पर अपराधियों की ही बोलबाला रहता है़ लेकिन पुलिस को इसकी भनक नहीं रहती है. सूत्रों की माने तो इस सड़क से ओवरलोडेड वाहन भी थाना के रहमोकरम से धड़ल्ले से गुजरते है. सूत्र यह भी बताते हैं कि इस सड़क पर रात्रि गश्ती के दौरान गुजरने वाली मालवाहक ट्रकों से प्रति वाहन पांच सौ से एक हजार रुपया वसूली किया जाता है़ यह सिलसिला पिछले एक वर्ष से बदस्तूर जारी है़ पिछले 14 फरवरी 2014 से चंद्रमंडीह थाना में पदस्थापित थानाध्यक्ष अजीत कुमार के कार्यशैली व व्यवहार ठीक नहीं रहने के कारण लोगों द्वारा इनके उपर अंगूली उठाई जा रही है़ यहां के समाजसेवी,बुद्धिजीवी एवं प्रबुद्घजन ऐसा मानने लगे है कि इस क्षेत्र में विधि-व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस प्रशासन असक्षम साबित हो रहे हैं़ जिस कारण इस क्षेत्र में अपराध का ग्राफ घटने के बजाय बढ़ने लगा है़ यहां के समाजसेवियों एवं बुद्धिजीवियों ने पुलिस पदाधिकारी से वर्तमान थाना प्रभारी का तबादला कराने की मांग की है. ताकि विधि व्यवस्था सुचारु ढंग से चल सके और पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास बना रहे़
विधि-व्यवस्था बेकाबू , स्थानांतरण की मांग
विधि-व्यवस्था बेकाबू , स्थानांतरण की मांग चंद्रमंडीह . थाना क्षेत्र में लूट, अपहरण, चोरी, छिनतई जैसे कांडों के वांछित अपराधी चिराग तले अंधेरा की पंक्ति को चरितार्थ कर रहे है. सूत्रों की मानें तो इन कांडो में संलिप्त अपराधी पुलिस के ईद-गिर्द खुलेआम घूमते नजर आते हैं. लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन को इसकी भनक नहीं […]
