लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए पुरस्कार लौटाये जाने का किया स्वागतमेदनीचौकी. लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए साहित्यकारों द्वारा साहित्य अकादमी के सम्मान को लौटाये जाने का स्थानीय साहित्यकारों ने स्वागत किया है. अब तक मंगलेश डबराल, राजेश जोशी सहित 16 लेखक साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटा चुके हैं. प्रो प्रेम रंजन कुमार, डॉ राम प्रकाश मिश्र, डॉ धीरेंद्र मोहन मिश्र, अशोक कुमार, प्रो कमालुर्रहमान आदि ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर संकट लेखकों को कभी बरदाश्त नहीं हुई है. लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए साहित्यकार सतत संघर्ष करते रहे हैं.ग्राम कचहरी भवन जर्जर, नहीं होती ग्रामसभाहलसी. प्रखंड के सांढ़माफ पंचायत के मध्य स्थित सेठना गांव में पूर्व मुखिया द्वारा बनाया गया पंचायत भवन आज जर्जर हो चुका है. इस भवन के रख रखाव में बाद के किसी मुखिया ने ध्यान नहीं दिया. यहां न तो कोई कर्मचारी रहते हैं और न ही पंचायत सचिव बैठते हैं. इस पंचायत के कर्मचारी प्रखंड मुख्याल में बैठ कर ही कार्य का संपादन करते हैं. जिससे इस पंचायत के लोगों को दस किलोमीटर की दूरी तय कर कार्य कराने में काफी परेशानी होती है. यहां की जनता ने प्रशासन से इस भवन की मरम्मती की मांग की. भवन मरम्मती की मांग करने वालों में मकेश्वर सिंह, अजय सिंह, शंभु रजक, धुपाल पासवान, यमुना मांझी, देवशरण महतो, सागर यादव आदि शामिल हैं.एक महिला ने दिया हाथ कटे शिशु को जन्म फोटो- 10 चित्र परिचय: प्रसवोपरांत जन्म लिया एक हाथ कटा शिशुसूर्यगढ़ा. मंगलवार को स्थानीय पीएचसी में एक महिला ने हाथ कटे शिशु को जन्म दिया. ऐसे शिशु के जन्म लेने पर लोगों के बीच चर्चा बनी रही. इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार प्रखंड के चंदनपुरा गांव निवासी मुकेश यादव की 32 वर्षीय पत्नी ममता देवी को प्रसव के लिए पीएचसी में भरती किया गया. जहां चिकित्सकों के द्वारा उक्त महिला का प्रसव कराया गया. प्रसव के उपरांत महिला ने अपने सातवें संतान के रूप में एक हाथ कटे शिशु को जन्म दिया. बतातें चलें कि उक्त महिला को पूर्व से छह संतान हैं.
लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए पुरस्कार लौटाये जाने का किया स्वागत
लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए पुरस्कार लौटाये जाने का किया स्वागतमेदनीचौकी. लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए साहित्यकारों द्वारा साहित्य अकादमी के सम्मान को लौटाये जाने का स्थानीय साहित्यकारों ने स्वागत किया है. अब तक मंगलेश डबराल, राजेश जोशी सहित 16 लेखक साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटा चुके हैं. प्रो प्रेम रंजन कुमार, डॉ राम प्रकाश मिश्र, […]
