नक्सल प्रभावित क्षेत्र में चुनाव करना प्रशासन के लिए होगी चुनौती

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में चुनाव करना प्रशासन के लिए होगी चुनौती झाझा : लोकतंत्र का महापर्व बिहार विधानसभा चुनाव प्रथम चरण का चुनाव 12 अक्तूबर को शुरू हो रहा है. चुनाव की सारी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है. प्रखंड स्तर से लेकर जिला स्तर तक के अधिकारी पूरे मनोयोग से महापर्व को शांतिपूर्ण संपन्न […]

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में चुनाव करना प्रशासन के लिए होगी चुनौती

झाझा : लोकतंत्र का महापर्व बिहार विधानसभा चुनाव प्रथम चरण का चुनाव 12 अक्तूबर को शुरू हो रहा है. चुनाव की सारी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है.

प्रखंड स्तर से लेकर जिला स्तर तक के अधिकारी पूरे मनोयोग से महापर्व को शांतिपूर्ण संपन्न कराने में जुटे हुए है. झाझा विधानसभा क्षेत्र में कुल 303 बूथ संख्या है.

बूथ संख्या को तीन भाग में बांटा गया है, सामान्य,संवेदनशील एवं अति संवेदनशील में. झाझा विधानसभा क्षेत्र की भौगोलिक बनावट के चलते अधिकतर बूथ अति संवेदनशील है.

जिसमें कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 3 लाख 3 हजार 537 है. जहां पुरूष 1 लाख 62 हजार 355 व महिलाओं की संख्या 1 लाख 41 हजार 113 एवं एक तृतीय लिंग के मतदाता है. प्रशासन सूत्रों के अनुसार सभी बूथों पर स्थैतिक अद्धै सैनिक बलों की तैनाती की जा चुकी है.

बाबजूद इसके नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने की वजह से चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न करा लेना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होगा. चुनाव आयोग द्वारा इस बार कई दिन पूर्व से ही सभी सीमाओं को सील करते हुए दर्जनों जगहों पर सैंकड़ों पारा मिलीट्री फोर्स की तैनाती कर आमजनों के बीच भयमुक्त मतदान करने का माहौल तैयार किया है.

अद्धै सैनिक बलों द्वारा प्रत्येक क्षेत्रों में लगातार फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है. जिला प्रशासन किसी भी सूरत में शांतिपूर्ण मतदान के लिए कटिबद्ध है. प्रखंड विकास पदाधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि सभी बूथों पर जाने वाले मतदान कर्मियों को कलस्टर पर भेज दिया गया है. जो अपने सुविधानुसार कलस्टर से मतदान केंद्र पर पहुंच जायेंगे.

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