दोयम दर्जे की जिंदगी जी रहीं ग्रामीण महिलाएं

नेताओं व कार्यकर्ताओं की बढ़ी चहल-पहल सूर्यगढ़ा. चुनाव निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव 2015 का चुनाव सितंबर, अक्तूबर माह में कराने की संभावना व्यक्त करने के बाद महागंठबंधन व राजग के नेताओं व कार्यकर्ताओं की चहल पहल तेज हो गयी है. एक तरफ जहां महागंठबंधन के प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर परचा पर चर्चा […]

नेताओं व कार्यकर्ताओं की बढ़ी चहल-पहल सूर्यगढ़ा. चुनाव निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव 2015 का चुनाव सितंबर, अक्तूबर माह में कराने की संभावना व्यक्त करने के बाद महागंठबंधन व राजग के नेताओं व कार्यकर्ताओं की चहल पहल तेज हो गयी है. एक तरफ जहां महागंठबंधन के प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर परचा पर चर्चा करने को लेकर गांव-गांव में घूम कर चौपाल लगाया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर राजग के कार्यकर्ताओं द्वारा महासंपर्क अभियान चला कर लोगों को अपनी सरकार की उपलब्धि बतायी जा रही है. ऐसे परिस्थिति में दोनों दलों के संभावित प्रत्याशी पर चर्चा का दौर शुरू हो चुकी है. हालांकि जातीय समीकरणों की बात करें, तो सूर्यगढ़ा विधानसभा भूमिहार बाहुल्य क्षेत्र है. दूसरे स्थान पर कुर्मी व धानुक, तीसरे स्थान पर यादव तथा अतिपिछड़ा मतदाता हैं. ऐसी परिस्थिति में दोनों दल अपने प्रत्याशी बनाने के लिए फूंक-फूंक कर कदम उठायेंगे. विधिक जागरूकता शिविर में महिला अधिनियम पर चर्चालखीसराय. शहर के कवैया थाना क्षेत्र स्थित उच्च विद्यालय हसनपुर में रविवार को अनुमंडलीय विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि अधिवक्ता सुनील कुमार ने लोगों को महिलाओं के अधिकार व उनसे संबंधित अधिनियम की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आज समाज में अपने अधिकार व कानून संबंधी जानकारी के अभाव में महिलाएं प्रताड़ना का शिकार होती हैं. महिलाओं से अपने अधिकार के प्रति जागरूक होना चाहिए. मौके पर विधिक स्वयंसेवक मुन्ना कुमार, घनश्याम कुमार आदि उपस्थित थे.

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