लखीसराय : आज से विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू हो गया है, जिसमें बाबा वैद्यनाथ को जलार्पण करने के लिए सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि देश के अन्य प्रदेशों सहित पड़ोसी देशों से भी बाबा भोले नाथ के भक्त लखीसराय के रास्ते उत्तरवाहिनी गंगा का जल भरने के लिए सुलतानगंज के लिए गुजरेंगे, जहां से वे 110 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर देवघर में बाबा बैद्यानाथ को जलार्पण करेंगे.
लखीसराय से जमुई के रास्ते देवघर जायेंगे लाखों श्रद्धालु
लखीसराय : आज से विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू हो गया है, जिसमें बाबा वैद्यनाथ को जलार्पण करने के लिए सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि देश के अन्य प्रदेशों सहित पड़ोसी देशों से भी बाबा भोले नाथ के भक्त लखीसराय के रास्ते उत्तरवाहिनी गंगा का जल भरने के लिए सुलतानगंज के लिए गुजरेंगे, जहां से […]

उत्तरी बिहार, यूपी व नेपाल सहित कई अन्य जगहों के बड़े वाहन इस बार भी विद्यापीठ चौक से सीधे सुलतानगंज की ओर नहीं जाकर उन्हें जमुई के रास्ते सुलतानगंज तक का सफर करना पड़ेगा.
वहीं छोटे वाहन सफियाबाद(मुंगेर) के रास्ते सुलतानगंज की ओर जायेंगे. प्रशासन की ओर से बरियारपुर व सुलतानगंज के बीच घोरघट बेली ब्रिज की जर्जर स्थिति को देखते हुए ऐसा किया गया है. इसके साथ ही कांवरिया वाहनों को विशेष परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए जिला प्रशासन के द्वारा सड़कों पर विगत कुछ दिनों में उभर आये गड्ढों को भरा जा रहा है.
इसके साथ ही विद्यापीठ चौक पर एक बड़ा पंडाल का निर्माण बजरंगबली मंदिर के बगल में किया जा रहा है, लेकिन शहर के मुख्य सड़क के चौक-चौराहों पर न तो पेयजल और न ही शौचालय की समुचित व्यवस्था की गयी है. नगर परिषद द्वारा पोर्टेबल शौचालय की व्यवस्था की तो गयी है, लेकिन उसमें इतनी ज्यादा गंदगी व्याप्त है कि लोगों का उस जगह खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है.
यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखना पुलिस के लिए बनी रहेगी चुनौती
शहर के निर्माणाधीन बाइपास के पूर्ण होने में लगातार हो रहे विलंब की वजह से शहर की यातायात व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखना पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती ही रहेगी, जहां फुटपाथी पर अतिक्रमण जारी रहने के साथ-साथ ऑटो व बाइक चालकों की मनमानी के बावजूद अन्य दिनों में भी शहर का मुख्य सड़क घंटों जाम रहा करता है.
उसके ऊपर अब बाहर से प्रतिनिधि सैंकड़ों की संख्या में आने वाले बड़े वाहन को सही से शहर के मुख्य सड़क से पार कराने के लिए पुलिस बल को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी.
वैसे पुलिस प्रशासन के द्वारा मुख्य सड़क पर विद्यापीठ चौक से जमुई मोड़ तक थोड़ी-थोड़ी दूरी पर होमगार्ड व पुलिस जवान को तैनात किया गया है, जो जाम लगने के कारण बनने वाले वाहनों को तत्काल आगे बढ़ायेंगे, जिससे जाम लगने की समस्या नहीं बन सके. वहीं एसडीओ मुरली प्रसाद सिंह ने दावा किया कि पुलिस की चौक चौराहों पर उपस्थिति जाम को उत्पन्न नहीं होने देगी.
किऊल व लखीसराय स्टेशन पर शौचालय व पेयजल की है कमी
श्रावणी मेला की व्यवस्था को लेकर हाल ही के दिनों में दानापुर रेल मंडल के प्रबंधक दिनेश प्रसाद ने किऊल का निरीक्षण किया था एवं कांवरियों की सुविधाओं के लिए कई प्रकार के दिशा निर्देश भी दिये थे, लेकिन किऊल रेल प्रशासन ने उक्त निर्देशों का अभी तक पालन नहीं किया है. प्लेटफॉर्म नंबर एक से बुकिंग एवं प्रतीक्षालय तक जाने के रास्ते को ठीक नहीं कराया है.
बरसात के दिनों में मिट्टी में फिसलन के कारण प्लेटफॉर्म नंबर एक से बुकिंग एवं प्रतीक्षालय तक जाने के रास्ते को ठीक नहीं कराया गया. बरसात के दिनों में मिट्टी में फिसलन के कारण प्लेटफॉर्म नंबर से कांवरियों को उतरने में समस्या झेलनी पड़ेगी. वहीं बुकिंग कार्यालय के समीप कीचड़मय रास्ता को ठीक नहीं कराया गया है. जिसके कारण बरसात के दिनों में चाय पान की दुकान तक जाने के लिए कांवरियों को कीचड़ से गुजरना पड़ेगा.
किऊल स्टेशन में प्रतीक्षालय सुरक्षित नहीं होने के कारण कांवरियों को धूप बारिश से बचने के लिए मात्र एक शेड होने के कारण कांवरिया को धूप व बारिश से बचना मुश्किल हो जाता है. इसी तरह लखीसराय स्टेशन की भी स्थिति है. लखीसराय प्लेटफॉर्म संख्या एक पर एक ही छोटा शेड दिया गया, जिसमें कांवरिया व यात्री ऊपरी पैदल पुल की सीढ़ी पर बैठकर ही ट्रेन का इंतजार करते हैं.
चलंत शौचालय व पियाऊ की होगी व्यवस्था
पोर्टेबल शौचालय की स्थिति को देखते हुए नगर प्रशासन के द्वारा किऊल रेलवे स्टेशन, विद्यापीठ चौक एवं जमुई मोड़ के समीप चलंत शौचालय की व्यवस्था की जायेगी. नगर सभापति अरविंद पासवान ने बताया कि कांवरियों को कोई समस्या नहीं हो इसके लिए शहर की साफ-सफाई युद्ध स्तर पर की गयी है. कांवरियों के ठिकानों को चिह्नित करते हुए चलंत शौचालय एवं पियाऊ की व्यवस्था की गयी है.