लखीसराय : गर्मी की इंट्री के साथ ही बिजली की आंख-मिचौनी शुरू हो गयी है. रात के अंधेरे में लोगों को बिजली का इंतजार पुराने जमाने की याद दिला देती है. वहीं बिजली पर्याप्त रूप से नहीं मिलने के कारण शहरवासियों का इनवर्टर एवं बैटरी एक मात्र सहारा रहा है, लेकिन बिजली की कमी के कारण शहरवासी पानी के लिए तरस जाते हैं. कभी-कभी बिजली समय पर नहीं रहने के कारण लोगों को साफ-सफाई के अलावे पीने एवं नहाने के लिए भी पानी नहीं मिल पाता है.
गर्मी की इंट्री के साथ ही बिजली की आंख-मिचौनी शुरू
लखीसराय : गर्मी की इंट्री के साथ ही बिजली की आंख-मिचौनी शुरू हो गयी है. रात के अंधेरे में लोगों को बिजली का इंतजार पुराने जमाने की याद दिला देती है. वहीं बिजली पर्याप्त रूप से नहीं मिलने के कारण शहरवासियों का इनवर्टर एवं बैटरी एक मात्र सहारा रहा है, लेकिन बिजली की कमी के […]

वहीं ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की कमी के कारण लोंगों को उमस भरी गर्मी में रहने के साथ-साथ अंधेरे का सामना करना पड़ता है. ग्रामीण किसानों को इन दिनों साग-सब्जी के पटवन के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है. गर्मी के दिनों में साग-सब्जियों के पटवन के लिए कभी-कभी रतजगा भी करना पड़ता है. पछुआ हवा चलने से खेतों का पानी तुरंत सुख जाने के कारण किसानों को बार-बार पटवन करना पड़ता है.
बिजली की कमी गर्मियों में लोगों को इसलिए खलती है कि इन दिनों बिजली का लोड अधिक हो जाता है. खासकर गांव में बल्ब, पंखा, विद्युत स्वचालित पंप सेट के अलावे लोगों द्वारा अन्य सुख सुविधा के लिए विद्युत स्वचालित यंत्र का प्रयोग करते है. यहीं कारण है कि अधिक लोड होने से बिजली के जर्जर तार गल कर नीचे गिर जाते हैं.
फिलवक्त शहर के नया बाजार एवं पश्चिमी, दक्षिण एवं उत्तरी इलाका छोड़कर शहर क चितरंजन रोड स्थित विद्युत कार्यालय के समीप सबसे पुराने पावर ग्रिड से तीन फीडर से शहर के पुरानी बाजार के अलावे बालगुदर एवं सूर्यगढ़ा फीडर से जिले के अधिकांश क्षेत्र बिजली से रोशन हो रहे हैं. इसमें सबसे अधिक सूर्यगढ़ा फीडर से जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति के लिए बिजली मुहैया कराया जा रहा है.
इनमें पुरानी बाजार फीडर में ढाई सौ से अधिक एवं बालगुदर फीडर में लगभग 170 मेगावाट बिजली उपलब्ध करायी जा रही है. बालगुदर फीडर से रेहुआ, सलौनाचक, कोरिया, साबिकपुर, दामोदरपुर, बालगुदर, अमहरा, मनकट्ठा, रामनगर जैसे अन्य क्षेत्रों में बिजली मुहैया करायी जा रही है, जबकि पुरानी बाजार फीडर से विद्यापीठ चौक इंग्लिश होते हुए शहर के पुरानी बाजार शहीद द्वार तक के मोहल्ले की विद्युत आपूर्ति करायी जा रही है.
वहीं सूर्यगढ़ा फीडर को लगभग 350 मेगावाट बिजली उपलब्ध करायी जा रही है, जबकि सूर्यगढ़ा फीडर में अधिकांश खेतिहर एवं ग्रामीण क्षेत्र हैं. इस फीडर से खगौर, वृंदावन, हाकिमगंज, गढ़ी विशनपुर के अलावे चानन के जलप्पा स्थान श्रृंगी ऋषि, महेशलेटा, धनौरी, रामपुर, गोविंदपुर, मानो, लक्ष्मीपुर के अलावा अन्य क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की जाती है.
इनमें खगौर, हाकिमगंज, वृंदावन एवं गढ़ी विशनपुर के अलावे अन्य कई ऐसे क्षेत्र है, जहां किसान द्वारा विद्युत स्वचालित मोटर से साग-सब्जियों का पटवन तो किया ही जाता है. साथ ही बल्ब, पंखा, कूलर, समरसेबुल मोटर का उपयोग भी किया जाता है. उस पर इतना लोड जर्जर तार सहन नहीं कर पाता है, जिससे कि तार गलकर जगह-जगह गिर जाते हैं, और कही ट्रांसफॉर्मर में भी खराबी आ जाती है. खासकर चानन इलाके में लगभग सभी जगह 440 वोल्ट का तार जर्जर हो चुका है.