व्यवसायी के शव का 24 घंटे बाद भी नहीं हो सका पोस्टमार्टम

लखीसराय : 19 दिनों से लापता शहर के दालपट्टी निवासी व व्यवसायी मंसूर साव का शव मिलने के 24 घंटे बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ है. क्षत-विक्षत शव होने के कारण सदर अस्पताल के चिकित्सक के द्वारा पोस्टमार्टम के लिए सोमवार रात को ही पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया गया था, लेकिन वहां भी किसी […]

लखीसराय : 19 दिनों से लापता शहर के दालपट्टी निवासी व व्यवसायी मंसूर साव का शव मिलने के 24 घंटे बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ है. क्षत-विक्षत शव होने के कारण सदर अस्पताल के चिकित्सक के द्वारा पोस्टमार्टम के लिए सोमवार रात को ही पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया गया था, लेकिन वहां भी किसी कारणवश शव को पोस्टमार्टम नहीं किया जायेगा. सदर अस्पताल से गये चिट्ठी में 15 अप्रैल 2017 अंकित है, इसलिए पीएमसीएच के चिकित्सक शव का पोस्टमार्टम नहीं कर रहे हैं.

विदित हो कि सोमवार दोपहर को बाजार समिति के समीप से मंसूर साव का शव बाजार समिति के समीप स्थित पीर बाबा मजार के निकट मनसिंघा पइन से बरामद किया गया था, जिसके बाद मृतक के परिजन एवं आक्रोशित मोहल्ले वासियों ने शव को अष्टघट्टी मोड़ पर रखकर मुख्य सड़क को जाम कर दिया था.
रात्रि तक जाम नहीं हटने के कारण पुलिस द्वारा बल प्रयोग कर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया. पटना पीएमसीएच के चिकित्सक ने जब सदर अस्पताल का चिकित्सक रेफर लेटर देखा तो उसमें चिकित्सक विद्दूभूषण के हस्ताक्षर के नीचे 15 अप्रैल 2017 की तिथि अंकित थी.
इसके साथ ही सदर अस्पताल के चिकित्सक की गलत तिथि अंकित के अलावा पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय पुलिस का पोस्टमार्टम के लिए कागजात को मान्य नहीं देते हैं. न्यायालय के सीजेएम के आदेश पत्र की मांग की, लेकिन सीजेएम के आदेश पुलिस द्वारा प्राप्त नहीं किये जाने के कारण ही पोस्टमार्टम में देरी का कारण बना है.
पोस्टमार्टम के लिए गये मृतक के परिजनों ने बताया कि पुलिस के कारण ही उनके परिवार के मुखिया की जान गयी है. अभी भी पुलिस द्वारा जान बूझकर लापरवाही की जा रही है. मृतक के बड़े पुत्र सुबोध कुमार ने मोबाइल पर बताया कि वे सब भूखे प्यासे एवं रतजगा कर पटना पीएमसीएच की खाक छान रहे हैं.
उधर, पुलिस हाथ पर हाथ रखकर लापरवाह बनी है. इस संबंध में एएसपी मनीष कुमार ने बताया कि पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच के चिकित्सक द्वारा सीजेएम का आदेश पत्र की मांग की है. यह उन्हें पता नहीं है.
इधर, मृतक के छोटे पुत्र पवन कुमार ने बताया कि सीजेएम के आदेश को लेकर कवैया थानाध्यक्ष राजीव कुमार से बातचीत की गयी है. उनके द्वारा सीजेएम से आदेश पत्र के लिए भेजने की बात कही गयी है. इधर, सदर अस्पताल के चिकित्सक विद्दूभुषण द्वारा गलत तिथि अंकित किये जाने की बात को लेकर सीएस डॉ अशोक कुमार ने बताया कि भूलवश गलत तिथि को सुधार कर पुनः पत्र कवैया थानाध्यक्ष राजीव कुमार को सौंपी गयी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >