लाली पहाड़ी पर मिले सैकड़ों की संख्या में बैक कट कौड़ी, बौद्धकाल में होता था इस्तेमाल

लखीसराय : जिला मुख्यालय स्थित लाली पहाड़ी की खुदाई के दौरान नित्य नये प्रकार की पौराणिक वस्तुओं के मिलने से इसकी खुदाई में लगे रिसर्च स्कॉलर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. वहीं लाली पहाड़ी की खुदाई में बौद्ध महाविहार के स्वरूप मिलने की सूचना पर विदेशों के भी स्कॉलर अपने आप को […]

लखीसराय : जिला मुख्यालय स्थित लाली पहाड़ी की खुदाई के दौरान नित्य नये प्रकार की पौराणिक वस्तुओं के मिलने से इसकी खुदाई में लगे रिसर्च स्कॉलर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. वहीं लाली पहाड़ी की खुदाई में बौद्ध महाविहार के स्वरूप मिलने की सूचना पर विदेशों के भी स्कॉलर अपने आप को लखीसराय आने से रोक नहीं पा रहे हैं.

मंगलवार को भी अमेरिका के स्कॉलर ओवेन सेंडरर्स जॉली लाली पहाड़ी पहुंच इसकी खुदाई का बारिकी से निरीक्षण किया तथा खुदाई में मिले सामग्रियों को देख आश्चर्य व्यक्त किया.
वहीं खुदाई कार्य की मॉनेटरिंग कर रहे विश्व भारती शांतिनिकेतन विश्वविद्यालय पश्चिम बंगाल के प्राचीन इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अनिल कुमार ने बताया कि अब तक की खुदाई के दौरान बौद्ध भिक्षुओं के सेल के अलावा नौ कोणों पर नौ सुरक्षा मीनारे मिल चुकी हैं.
उन्होंने बताया कि मंदिर के लिए खुदाई के दौरान पता चल रहा है कि पूरा मंदिर पत्थरों से ही बना रहा होगा. वहीं खुदाई के दौरान मिलने वाली खंडित मूर्तियों को देख ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इसे जमींदोज करने दौरान मूर्तियों को बेरहमी से तोड़ा गया होगा.
उन्होंने बताया कि खुदाई के दौरान अधिसंख्य खंडित मूर्तियों के साथ ही सैकड़ों की संख्या में बैक कट कौड़ी मिली है जिसका प्रचलन चाइना में होने के प्रमाण मिलते रहे हैं. इसके मिलने से स्कॉलर भी रोमांचित हैं. उन्होंने बताया कि पूरी खुदाई होने के बाद यहां वृहत बौद्ध महाविहार मिलेगा, जो पूरे विश्व को अपनी ओर आकर्षित करेगा.

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