कम संसाधन के बावजूद हो रही है खुदाई

लखीसराय : आर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया नई दिल्ली की दो सदस्य टीम ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित लाली पहाड़ी पर चल रहे खुदाई कार्य का निरीक्षण किया. टीम में डॉ सुभो मजुमदार एवं डॉ वृष्टि विजय विश्वास शामिल थीं. दोनों सदस्यों ने लाली पहाड़ी पर खुदाई कार्य पर सुखद अनुभूति जताते हुए कहा कि […]

लखीसराय : आर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया नई दिल्ली की दो सदस्य टीम ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित लाली पहाड़ी पर चल रहे खुदाई कार्य का निरीक्षण किया. टीम में डॉ सुभो मजुमदार एवं डॉ वृष्टि विजय विश्वास शामिल थीं.
दोनों सदस्यों ने लाली पहाड़ी पर खुदाई कार्य पर सुखद अनुभूति जताते हुए कहा कि कम संसाधनों के बावजूद खुदाई में जो तेजी है वह आश्चर्य की बात है तथा उन्होंने इसके लिए खुदाई कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे विश्वभारती शांति निकेतन विश्वविद्यालय पश्चिम बंगाल के प्राचीन इतिहास एवं पुरातात्विक विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अनिल कुमार सहित उनकी टीम के शोधकर्ता छात्र-छात्राओं की सराहना की. लाली पहाड़ी के निरीक्षण के दौरान भग्नावशेषों को देख कहा कि यह क्षेत्र निश्चित रूप से वृहत बौद्ध महाविहार से जुड़ा रहा होगा.
इसके साथ ही कहा कि खुदाई पूर्ण होने के बाद निश्चित ही इस क्षेत्र के लिए यह एक ऐतिहासिक स्थल के रूप में होगा तथा यहां की ओर पर्यटक आकर्षित होंगे. लाली पहाड़ी के निरीक्षण के उपरांत दोनों सदस्यों ने अशोक धाम पहुंच वहां के प्रशासनिक भवन के तहखाना में बने अस्थायी संग्रहालय में रखी मूर्तियों का भी अवलोकन किया.
यहां बता दें कि जिला प्रशासन द्वारा राज्य सरकार के निर्देश के बाद जिले के विभिन्न जगहों से प्राप्त मूर्तियों को संग्रहित कर अशोक धाम स्थित अस्थायी संग्रहालय में रखवा दिया गया था. जिसे संग्रहालय के निर्माण होने के बाद स्थानांतरित कर दिया जायेगा. मौके पर टीम के सदस्यों की देख रेख में सभी मूर्तियों को सूचीबद्ध करने की कार्रवाई भी की जा रही है. इस दौरान टीम के सदस्यों के साथ डॉ अनिल कुमार भी मौजूद रहे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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