नदियावां गोलीकांड में आठ अपराधियों को सजा मुकर्रर

सभी आरोपितों को दस- दस हजार रुपये अर्थदंड भी, राशि नहीं भुगतान करने पर तीन-तीन महीने की अतिरिक्त सजा घटना में कुल नौ लोगों को किया गया था नामजद एक अभियुक्त की मौत हो चुकी है मौत लखीसराय : त्वरित न्यायालय द्वितीय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विश्वनाथ प्रसाद ने रामगढ़ चौक थाना क्षेत्र […]

सभी आरोपितों को दस- दस हजार रुपये अर्थदंड भी, राशि नहीं भुगतान करने पर तीन-तीन महीने की अतिरिक्त सजा

घटना में कुल नौ लोगों को किया गया था नामजद
एक अभियुक्त की मौत हो चुकी है मौत
लखीसराय : त्वरित न्यायालय द्वितीय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विश्वनाथ प्रसाद ने रामगढ़ चौक थाना क्षेत्र के एक दशक पूर्व नदियावां गोलीकांड में मात्र एक आरोपित को अधिकतम सजा सात वर्ष सश्रम कारावास का फैसला सुनाया गया. वहीं दो आरोपित को अधिक उम्र हो जाने के कारण मात्र तीन वर्ष की सजा सुनायी गयी,जबकि शेष अभियुक्तों को पांच-पांच वर्ष सश्रम कारावास का सजा सुनाया गया. नामजद आरोपित मिथिलेश सिंह की विचारण के दौरान मौत हो जाने के कारण विमुक्त कर दिया गया है.
अपर लोक अभियोजक रामविलास शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि लखीसराय थाना कांड संख्या 207/06 से संबंधित सत्रवाद संख्या 301/07 में नामजद अभियुक्त मुरलीधर सिंह को सात वर्ष, ब्रजकिशोर सिंह व श्याम किशोर सिंह को तीन-तीन वर्ष तथा बिंटू सिंह ,पिंटू सिंह,एतवारी सिंह, विवेक सिंह उर्फ घोंघऱ सिंह, रघुवंश नारायण सिंह को पांच-पांच वर्ष की सश्रम कारावास की सजा के फैसला के आलोक में जेल भेज दिया गया. साथ ही सभी आरोपितों को दस-दस हजार रुपये अर्थदंड का भी फैसला सुनाया गया. वहीं राशि नहीं भुगतान करने पर तीन-तीन महीने की अतिरिक्त सजा की बात फैसला सुनाया गया है.
क्या था मामला
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार सूचक केदार सिंह के पुत्र अनोज सिंह अपने ननिहाल में करीब छह बजे संध्या को था. ठीक उसी समय उक्त सभी अभियुक्त हरवे हथियार से लैस हो आ धमका. गाली गलौज करते हुए एक लाख रंगदारी की मांग किया. विरोध करने पर बिंट्टू सिंह सिंह व पिंटू सिंह के आदेश पर मुरलीधर सिंह ने राइफल से गोली चला दिया. गोली बायां पैर में लगी जिससे सूचक जमीन पर गिर गया. गोली की आवाज सुन बहुत से लोग आ पहुंचा. घायल अवस्था में सूचक को लखीसराय चितरंजन रोड स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज के लिए लाया गया. जहां जख्मी के फ़र्द बयान पर मामला लखीसराय थाना में अंकित कर लिया गया. विचारण के दौरान बचाव पक्ष से वरीय अधिवक्ता वीरेंद्र शर्मा, वरीय अधिवक्ता सुरेश प्रसाद सिंह उर्फ शशि बाबू एवं अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक रामविलास शर्मा ने बहस में हिस्सा लिया.

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