कजरा : अतिपिछड़ा, आदिवासी बाहुल्य कजरा क्षेत्र का एकलौता उपस्वास्थ केंद्र, कजरा वर्षों से विभागीय उपेक्षा का दंश झेल रहा है. सरकार के लाख प्रयास के बावजूद भी उपस्वास्थ केंद्र कजरा में कोई सुधार नहीं हुआ है. उपस्वास्थ केंद्र, कजरा में एक भी महिला चिकित्सक नहीं रहने के कारण क्षेत्र के महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कई दशक बीत जाने के बाद भी कजरा में महिला चिकित्सक नहीं मिली है.
जबकि विगत दो वर्ष से कजरा अस्पताल में दिन में प्रसव कराने की व्यवस्था है लेकिन वह नर्स के सहारे ही रहता. बताते चलें कि कजरा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग प्रसव कराने के लिए कजरा आते हैं, लेकिन एक भी महिला चिकित्सक नहीं रहने के कारण कजरा से 10 किलोमीटर दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सूर्यगढ़ा जाने को विवश है. महिला चिकित्सक नहीं रहने के कारण हमेशा महिलाओं को असुरक्षित रहने की आशंका बना रहता है.
कजरा के प्रशांत कुमार चिंटू, युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष पवन कुमार, उरैन पंचायत पूर्व मुखिया जंगबहादुर सिंह, जदूय नेता विकास कुमार, मधूसूदन साव, भाजपा पंचायत अध्यक्ष अजीत कुमार श्रीवास्तव, दिलीप आहुजा, रवि चौधरी, संजय साव, टुनटुन मंडल सहित दर्जनों लोगों ने जिलाधिकारी से महिला चिकित्सक पदस्थापना की मांग की है.
