बालू लोड करने शरमा बालू घाट जा रहा था ट्रक, सड़क पर वन-वे रहने के कारण ट्रक खड़ा होने पर नीचे सोने चले गये थे सदन व दिनेश
चालक ने सदन को बिना देखे ट्रक आगे बढ़ा दिया, जिससे दबकर हो गयी उसकी मौत
लखीसराय : टाउन थाना क्षेत्र के लखीसराय-तेतरहट के मुख्य मार्ग के बीच शरमा मोड़ के समीप ट्रक से कुचल कर खलासी की मौत हो गयी जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया गया. वहीं मृतक की पहचान पटना जिला के मोकामा थाना क्षेत्र के कन्हायपुर गांव निवासी स्व मदन पासवान का पुत्र 22 वर्षीय सदन कमार के रूप में की गयी. जबकि घायल दिनेश सिंह रामगढ़ थाना क्षेत्र के नदियावां गांव निवासी किशुन सिंह का पुत्र बताया गया. जानकारी के अनुसार सदन कुमार बचपन से ही बड़हिया प्रखंड के जैतपुर पंचायत के चुहरचक गांव स्थित ननिहाल में रहता था और ह्रिदनबीघा गांव स्थित टुनटुन साव के ट्रक बीआर 53जी-1758 पर वह खलासी का काम करता था. वहीं बुधवार की रात ट्रक में बालू लोड कराने के लिए शरमा बालू घाट जा रहा था,
इस दौरान वाहनों लंबी कतारें लगी हुई थी और वाहन को लेकर घाट पर जाने में काफी देर हो रही थी. बालू घाट पर वाहनों को जाने में देरी होते देख सदन कि वन-वे रहने के कारण वाहन को शरमा मोड़ के पास खड़ी कर वाहन के नीचे सदन व दिनेश सोने चले गये. इसी दौरान ट्रक चालक रौशन सदन व दिनेश को ट्रक के नीचे सोते नहीं देखा और ट्रक को आगे बढ़ा दिया, जिससे सदन का सिर ट्रक से बुरी तरह कुचला गया और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. वहीं खलासी दिनेश गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे इलाज के लिए स्थानीय लोगों सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार कर बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया. इस संबंध में टाउन थानाध्यक्ष गौतम कुमार सिंह ने बताया कि घटना को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है, वहीं शव को पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है.
परिजनों के चीत्कार से माहौल हुआ गमगीन : लखीसराय. जिले के बड़हिया प्रखंड के जैतपुर पंचायत के चुहरचक गांव स्थित ननिहाल में रहे सदन कुमार के मौत की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया और करुण-क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया. वहीं मृतक की मां साबो देवी व बुआ रीता देवी रोते-रोते बार बेहोश हो रही थीं. विदित हो कि मृतक अपने परिवार के दो भाई व दो बहनों में तीसरे नंबर था और वह काम कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था. मृतक का बड़ा भाई जितेंद्र पासवान जो विवाहित है और वह परदेस में रहकर मेहनत-मजदूरी करता है. वहीं सदन घर पर ही काम कर अपने परिवार का जीविकोपार्जन चला रहा था. सदन के एक बहन की शादी हो चुकी है जबकि दूसरी बहन कुछ दिनों से विक्षिप्त है और उसका इलाज चल रहा था.
