लखीसराय : मार्च-अप्रैल के प्रारंभ में होमगार्ड जवानों की बहाली की प्रक्रिया प्रशासनिक उपेक्षा के कारण अब तक लंबित पड़ी हुई है. बिहार पुलिस की तर्ज पर जिला समाहरणालय स्थित गांधी मैदान में इसके लिए शारीरिक परीक्षा का आयोजन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ली गयी था. इसमें दौड़ के साथ साथ ऊंची कूद, गोला फेंक, शारीरिक मापदंड आदि शामिल था. पारदर्शिता को लेकर सभी रिजल्ट एनआइसी पर अपलोड कर शारीरिक दक्षता परीक्षा में उतीर्ण युवकों का मेडिकल चेकअप भी कराया गया.
वहां भी काफी संख्या में महिला पुरुषों की छंटनी किया गया. इसके उपरांत चयनित 218 में से 213 द्वारा बिहार गृह रक्षा वाहिनी के सेवार्ग्त का बांड मई माह में ही भरा गया. इसके उपरांत पुलिस वेरिफिकेशन, आवासीय, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र की जांच का सिलसिला प्रारंभ हुआ जो आज तक जारी है.
उत्तीर्ण युवकों द्वारा लगभग एक वर्ष से अपनी नियुक्ति को लेकर जिला मुख्यालय का चक्कर लगाया जा रहा है. इस संबंध में होमगार्ड समादेष्टा मो इसरार अहमद से मिली जानकारी के अनुसार 15 नवंबर बुधवार को इसके लिये डीएम अमित कुमर द्वारा विशेष बैठक बुलायी गयी है. इसमें आगे की रणनीति को लेकर फैसला लिया जायेगा.
