सूर्यपासना . नहाय-खाय के साथ आज से चार दिवसीय छठ महापर्व का शुरू हुआ अनुष्ठान
लखीसराय : छठ पर्व को लेकर छठ व्रतियों द्वारा स्वच्छता के साथ-साथ शुद्धता पर जोर दिया जाता रहा है. जिसको लेकर व्रतियों द्वारा काफी पूर्व से ही तैयारी प्रारंभ कर दी जाती है. जिसके कारण दीपावली के धनतेरस के दिन ही छठ पर्व में लगने वाली पीतल, कांसा के सूप, थाल, लोटा के बर्तन की खरीदारी कर ली जाती है. शुद्ध घी, सरसों का तेल के साथ साथ ईख के गुड़ का इंतजाम पूर्व से ही करके रखा जाता है. स्थिति यह है कि छठ पर्व के पूर्व से ही किसान अपने घर में लगे कद्दू, फल को सुरक्षित कर रख देते हैं. लोक आस्था से जुड़ी सूर्योपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ के दौरान साफ सफाई के साथ साथ शुद्धता का काफी ध्यान रखा जाता है.
साफ सफाई तो होता ही है शुद्ध प्रसाद का अपना एक अलग ही महत्व है. इसके लिये मिट्टी के चूल्हा ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में मिट्टी का ही बर्तन उपयोग में लाया जाता है. स्थिति यह है कि फुटपाथ पर ईख, सूप, दउरा आदि रख कर बेचने वाले लोग भी इसे शुद्ध एवं स्वच्छ रखने का पूरा ध्यान देते हैं. खरना के दिन प्रसाद निर्माण कार्य के दौरान छठव्रती ही नहीं इनके सहयोगी महिलायें भी स्वच्छता एवं शुद्धता का पूरा पूरा ख्याल रखती है. मंगलवार को नहाय खाय के साथ चार दिवसीय छठ पर्व का शुरुआत हो जायेगा. इसको लेकर पूरा बाजार छठ पर्व के सामग्री खरीदने पहुंचे लोगों से अटा पड़ा है. पूरी तरह माहौल सूर्योपासना के रंग में रंग चुका है. विद्यापीठ चौक, रेलवे हाता के साथ साथ केआरके मैदान में छठ पर्व के सामग्री का अस्थायी बाजार सज चुका है.
