पटाखा व्यवसाय पर लगा अंकुश

पटाखा व्यवसाय का मुख्य केंद्र बनता है केआरके मैदान नये नियमों को पूूरा नहीं कर सके आवेदनकर्ता लाइसेंस पर रोक लखीसराय : पटाखा निर्माण से लेकर बिक्री के दौरान हुए हादसों के उपरांत नये नियम लागू होते रहे हैं. ऐसे में इसकी बिक्री को लेकर लाइसेंस लेना अनिवार्य कर भीड़भाड़ से हट कर दुकान लगाने […]

पटाखा व्यवसाय का मुख्य केंद्र बनता है केआरके मैदान
नये नियमों को पूूरा नहीं कर सके आवेदनकर्ता लाइसेंस पर रोक
लखीसराय : पटाखा निर्माण से लेकर बिक्री के दौरान हुए हादसों के उपरांत नये नियम लागू होते रहे हैं. ऐसे में इसकी बिक्री को लेकर लाइसेंस लेना अनिवार्य कर भीड़भाड़ से हट कर दुकान लगाने का निर्देश है. जबकि पटाखा भंडारण को दुकान से न्यूनतम 50 मीटर की दूरी पर रखना अनिवार्य है.
इसके अस्थायी लाइसेंस प्राप्ति को लेकर चालान के रूप में 500 रूपये की राशि जमा देना होगा. इस संबंध में समाहर्ता सह जिलाधिकारी द्वारा पिछले 4 अक्तूबर को जारी निर्देश पत्र में लाईसेंस निर्गत करने का दायित्व अनुमंडलाधिकारी को सौंपा गया है. एसडीओ विस्फोटक नियमावली 2008 के नियम 84 के आलोक में पटाखों का संग्रहण एवं बिक्री के लिये अस्थायी लाइसेंस विभिन्न शर्तो के साथ जारी करेंगे. जिसमें दुकान में रोशनी के लिये तेल से जलता हुआ लैंप, गैस लैंप अथवा अन्य जलती हुई खुली रोशनी का प्रयोग वर्जित होगा.
एक भी लाइसेंस जारी नहीं. इन नियमों व शर्तों पर अभी तक एक भी लाइसेंस के आवेदन कर्ता खरे नहीं उतर पाये हैं. इस संबंध में एसडीओ मुरली प्रसाद सिंह ने बताया कि आवेदन के आलोक में भौतिक सत्यापन का कार्य कराया जा रहा है.
जिसमें फिलहाल एक भी आवेदन कर्ता सभी शर्त अनुपालन में असमर्थ दिख रहे हैं. इसमें कुछ छोटे छोटे दुकानदारों को दिन के उजाले में पटाखा की बिक्री का अस्थायी लाइसेंस निर्गत किया जा सकता है. मूर्ति दुकान की आड़ में पटाखा की बिक्री नियमों एवं शर्तों पर अडिग जिला प्रशासन की रूख को भांपते हुए काफी हद तक अवैध पटाखा व्यवसाय पर अंकुश लगा हुआ है. सोमवार से बाजार में लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा की दुकानें सज गयी है. जिसके पीछे से पटाखा बिक्री की भी चर्चा है. दुकानदार लाईसेंस को लेकर आवेदन देकर निर्गत किये जाने के इंतजार में है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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