जमीन के लालच में जलावन देने के बहाने बुलाकर की थी हत्या, पुलिस ने साजिशकर्ता भैसुर व उसके सहयोगी को किया गिरफ्तार
किशनगंज. पुलिस ने अर्राबाड़ी थाना क्षेत्र के बालूबाड़ी गांव में हुए सनसनीखेज महिला हत्याकांड का सफल उद्भेदन कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में मृतका के भैसुर (जेठ) व उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है. चौंकाने वाली बात यह है कि जिस भैसुर ने पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करायी थी, वही इस पूरे हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता और हत्यारा निकला.मालूम हो कि बीते 15 अप्रैल की रात बालूबाड़ी गांव के एक मकई के खेत में सनवरी बेगम (पति अंसार आलम) का शव मिला था. घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी संतोष कुमार ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया था. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 (एसडीपीओ) मंगलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में एक एसआइटी का गठन किया गया था.
जमीन का लालच व पुरानी रंजिश बनी वजह
एसडीपीओ मंगलेश कुमार सिंह ने बताया कि अनुसंधान में मृतका व उसके भैसुर फजले रब्बी के बीच पुरानी रंजिश की बात सामने आयी. आरोपित फजले रब्बी चाहता था कि महिला अपना हिस्सा बेचकर मुंबई अपने पति के पास चली जाये, ताकि वह वहां बड़ा मकान बना सके. इसके अलावा पूर्व में छेड़खानी के एक विवाद को लेकर हुई पारिवारिक पंचायत के कारण भी वह बदले की भावना रखता था.
हत्या की योजना के तहत फजले रब्बी ने अपने मित्र और बटाईदार मैनुल हक के साथ मिलकर मृतका को जलावन का लालच देकर मकई के खेत में बुलाया. जब मृतका अपनी गोतनी के साथ जलावन इकट्ठा कर रही थी, तभी दोनों आरोपित वहां पहुंचे. उन्होंने महिला की गोद से उसकी दो साल की बच्ची को उसकी गोतनी को देकर घर भेज दिया. सनवरी बेगम को अकेले दूसरे खेत में ले गए. वहां मौका पाकर दोनों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी.आरोपितों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए महिला के पति के आने का इंतजार भी नहीं किया. बिना उसकी सहमति के खुद वादी बनकर प्राथमिकी दर्ज करा दी. हालांकि, एसआइटी की मुस्तैदी व 25 से अधिक लोगों से पूछताछ व 15 स्थानों पर छापेमारी के बाद सच सामने आ गया.
पांच दिनों में सफल उद्भेदन
पुलिस ने पांच दिनों के भीतर मामले का खुलासा करते हुए फजले रब्बी और मैनुल हक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस अब वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है ताकि स्पीडी ट्रायल के माध्यम से दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके.
