सीमावर्ती गांवों में जंगली हाथियों का उत्पात, फसल व घरों को भारी नुकसान

सीमावर्ती गांवों में जंगली हाथियों का उत्पात, फसल व घरों को भारी नुकसान

दिघलबैंक. भारत-नेपाल सीमा से सटे प्रखंड के धनतोला, मुल्लावाड़ी, डोरिया, मालटोली, गंधर्वडंगा, टेलीभिट्ठा व मोहामारी के ग्रामीण इन दिनों जंगली हाथियों के आतंक से जूझ रहे हैं. नेपाल के जंगलों से भटके हाथियों का झुंड यहां के खेतों में घुसकर मकई की फसल को बर्बाद कर रहा है. कच्चे घरों व संग्रहित अनाज को भी नुकसान पहुंचा है. इससे ग्रामीणों में भय व चिंता का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय हाथियों की आवाजाही बढ़ जाती है. जान-माल का खतरा बना रहता है. वन विभाग को इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करते हुए गश्त बढ़ाने, अलर्ट जारी करने व हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने की जरूरत है. विशेषज्ञों के अनुसार ग्रामीणों को सतर्क रहना चाहिए, रात में अकेले बाहर न निकलें, हाथियों को उकसाने या पास जाने से बचें. सामूहिक रूप से सुरक्षित स्थानों पर रहें. समय पर सूचना देना व जागरूकता ही इस संकट से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है.

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By Awadhesh kumar

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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