किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट
Weather Update: किशनगंज जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शनिवार की सुबह से ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला-बदला नजर आया. बीती रात तक पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बाद शनिवार सुबह आसमान में काले घने बादलों ने डेरा डाल लिया और देखते ही देखते तेज मेघ गर्जन के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई. इस मानसूनी फुहार के कारण पिछले कई दिनों से तीखी धूप से झुलस रहे लोगों के चेहरे पर मुस्कान तैर गई है. ठंडी हवाएं चलने से तापमान (Mercury) में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरा वातावरण सुहावना हो गया है. हालांकि, यह राहत शहरी क्षेत्र के बाशिंदों के लिए आंशिक आफत भी लेकर आई है, क्योंकि कुछ ही घंटों की बारिश में पूरा शहर एक बार फिर जलमग्न हो गया है.
इन मुख्य इलाकों में घुटनों तक भरा नाले का गंदा पानी; राहगीर परेशान
- सड़कों पर बहा नाले का पानी: जल निकासी (Drainage System) की मुकम्मल व्यवस्था न होने के कारण नालियां ओवरफ्लो हो गईं, जिससे नाले का सड़ा और गंदा पानी मुख्य रास्तों पर बहने लगा.
- ये प्रमुख मार्ग हुए प्रभावित: जलजमाव के कारण शहर के सबसे व्यस्त रहने वाले निम्नलिखित क्षेत्रों में आवागमन पूरी तरह बाधित दिखा:
- पश्चिमपाली चौक और धर्मगंज चौक से रेलवे स्टेशन जाने वाली मुख्य मार्ग.
- मारवाड़ी कॉलेज रोड और इंसान स्कूल रोड.
- बस स्टैंड और पेट्रोल पंप के समीप स्थित एनएच (NH) सर्विस रोड.
- तेघरिया इलाका और सदर अस्पताल रोड.
स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि नगर परिषद की लापरवाही के कारण यहां स्थिति इतनी बदतर है कि हल्की सी फुहार या महज आधे घंटे की बारिश होते ही पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो जाता है.
किसानों के लिए वरदान साबित होगी यह बारिश; धान की खेती को मिलेगा बल
खेती-किसानी के लिए अच्छी खबर: नागरिक समस्याओं से इतर, ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश बेहद संजीवनी साबित हो रही है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, खरीफ सीजन की शुरुआत के इस दौर में खेतों को प्राकृतिक पानी की सख्त दरकार थी. यह बारिश विशेष रूप से उन किसानों के लिए बेहद फायदेमंद है जो धान की नर्सरी (बिचड़ा) तैयार कर रहे हैं या आने वाले दिनों में धान की रोपनी की तैयारी में जुटे हैं. इसके अलावा, खेतों में नमी आने से हरी सब्जियों की फसलों को भी नया जीवनदान मिलेगा.
मौसम विभाग का पूर्वानुमान और प्रशासनिक सतर्कता:
मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा बुलेटिन के अनुसार, जिले के आसमान में फिलहाल घने मानसूनी बादल सक्रिय बने हुए हैं. इसके चलते शनिवार को दिनभर जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण प्रखंडों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और रूक-रूक कर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की प्रबल संभावना बनी हुई है.
आपदा प्रबंधन विभाग ने मेघ गर्जन (Thunderstorms) की स्थिति को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने और आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पक्के मकानों में शरण लेने की हिदायत दी है. वहीं, स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मानसून की दस्तक से पहले जलजमाव वाले इन मुख्य ड्रेनेज पॉइंट की मशीनों द्वारा युद्धस्तर पर उड़ाही (सफाई) कराई जाए ताकि जनता को इस नारकीय स्थिति से स्थाई मुक्ति मिल सके.
