-बालू की जगह मिट्टी भरी बोरियों से ग्रामीणों में आक्रोश बेलवा किशनगंज प्रखंड के बेलवा पंचायत अंतर्गत बहराकोल्हा गांव में बाढ़ बचाव को लेकर चल रहे जिओ बैग पिचिंग कार्य में भारी अनियमितता सामने आई है. डोंक एवं महानंदा नदी के संगम पर बसे इस गांव को कटाव से बचाने के लिए तटबंध पर जिओ बैग लगाए जा रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार के द्वारा जिओ बैग में बालू की जगह मिट्टी भरकर डाला जा रहा है. मिट्टी भरने से बोरियां पानी में तुरंत घुल जाएंगी और पूरा बचाव कार्य बेकार हो जाएगा. करोड़ों की लागत से हो रहे इस कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग से ग्रामीणों में भारी रोष है. आक्रोशित ग्रामीणों ने कार्यस्थल पर पहुंचकर काम रुकवा दिया. ग्रामीणों ने कहा कि हर साल बाढ़ से गांव डूबता है, इसी को रोकने के लिए यह पिचिंग हो रही है, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण यह भी बेकार हो जाएगा. ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग से उच्चस्तरीय जांच कर दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है. साथ ही मानक के अनुसार बालू भरी बोरियों से ही कार्य कराने की मांग उठाई है.
बहराकोल्हा में जिओ बैग पिचिंग में ग्रामीणों ने धांधली लगाया आरोप
आक्रोशित ग्रामीणों ने कार्यस्थल पर पहुंचकर काम रुकवा दिया.
