किशनगंज से अवधेश यादव की रिपोर्ट
Vikas Yojana Review: बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी की अध्यक्षता में किशनगंज समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) सभागार में एक उच्च स्तरीय और महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में जिले में संचालित विभिन्न लोक-कल्याणकारी, बुनियादी ढांचा और विकास योजनाओं की जमीनी प्रगति की कड़ियों को बारीकी से खंगाला गया. बैठक में जिलाधिकारी (DM) विशाल राज सहित जिले के तमाम विभागों के आला अधिकारी और कार्यपालक अभियंता मुख्य रूप से मौजूद रहे. अपर मुख्य सचिव ने जिले में विकास कार्यों के वर्तमान क्रियान्वयन (Implementation) पर संतोष जाहिर करते हुए अधिकारियों की पीठ थपथपाई, साथ ही काम में और अधिक तेजी लाने के कई अहम दिशा-निर्देश दिए.
“योजनाएं सिर्फ निर्माण नहीं, जीवन स्तर सुधारने का माध्यम हैं” — डॉ. एन. विजयलक्ष्मी
बैठक के दौरान जिले में चल रही मुख्य आधारभूत संरचनाओं (सड़क, भवन, पुल-पुलिया) और सीधे जनता से जुड़ी सामाजिक सुरक्षा व जनकल्याण योजनाओं की सिलसिलेवार समीक्षा की गई.
अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा:
- समयबद्धता सर्वोपरि: सभी स्वीकृत विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा (डेडलाइन) के भीतर पूरा करना नीतीश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. अधिकारी इसी प्रतिबद्धता और ऊर्जा के साथ फील्ड में उतरकर काम करें.
- क्वालिटी से समझौता नहीं: उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि विकास योजनाएं केवल ईंट-गारे का निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि यह सुदूर ग्रामीण इलाकों के गरीब लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का सशक्त माध्यम हैं. इसलिए प्रत्येक योजना का गुणवत्तापूर्ण (Quality-check) होना बेहद अनिवार्य है. इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं होगी.
- लंबित कार्यों पर फोकस: जो योजनाएं किन्हीं तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से लंबे समय से अधर में लटकी हैं, उनके गतिरोध को तुरंत दूर कर शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि आम जनता को उनका सीधा लाभ समय पर मिल सके.
जिलाधिकारी विशाल राज ने पेश की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट
प्रशासनिक समन्वय: समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी विशाल राज ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से जिले में चल रही बड़ी केंद्रीय व राज्य स्तरीय विकास परियोजनाओं की अद्यतन (करेंट) स्थिति से अपर मुख्य सचिव को अवगत कराया.
जिलाधिकारी ने आश्वस्त करते हुए बताया कि जिला प्रशासन विकास कार्यों की नियमित और साप्ताहिक मॉनिटरिंग कर रहा है. सभी विभागों (जैसे- आरसीडी, पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी और ग्रामीण विकास) के बीच बेहतर अंतर्विभागीय समन्वय (Inter-departmental Coordination) स्थापित किया गया है, जिसके चलते जमीन अधिग्रहण और फंड ट्रांसफर से जुड़े मामलों को तुरंत सुलझाकर योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है.
धरातल पर दिखेगा असर, योजनाओं को मिलेगी नई गति
अपर मुख्य सचिव ने अंत में सभी अधिकारियों से कहा कि वे केवल फाइलों तक सीमित न रहकर राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को धरातल (जमीन) पर उतारना सुनिश्चित करें, ताकि सीमांचल के इस पिछड़े जिले के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का हक पहुंच सके. उन्होंने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासनिक तत्परता और विभागीय सक्रियता के बल पर जिले की सभी परियोजनाएं ससमय पूरी होंगी और विकास की रफ्तार को एक नया बूस्ट मिलेगा.
स्थानीय राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी की इस सीधी समीक्षा बैठक से किशनगंज में सुस्त पड़ी कई फाइलों को नई गति मिलेगी और आने वाले दिनों में आम जनता को बेहतर नागरिक सुविधाएं सुलभ हो सकेंगी.
