वाराणसी-सिलीगुड़ी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से जगी उम्मीद, 320 KMPH की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

High Speed Rail Corridor: बजट 2026 में रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा हुई. इस घोषणा से बिहारवासी काफी खुश हैं. सूत्रों के मुताबिक वाराणसी से सिलीगुड़ी का सफर इस कॉरिडोर के कारण 3 घंटे से भी कम समय में पूरा हो जायेगा. आइये इस बारे में जानते हैं.

High Speed Rail Corridor: केंद्रीय बजट में घोषित 700 किलोमीटर लंबे हाईस्पीड रेल कॉरिडोर ने सीमांचल के लोगों में विकास की नयी उम्मीदें जगा दी हैं. वाराणसी से सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित इस कॉरिडोर के मार्ग की आधिकारिक घोषणा अभी शेष है, लेकिन तकनीकी जानकारों और क्षेत्र के निवासियों में इसे लेकर भारी उत्साह है. यदि यह कॉरिडोर सिलीगुड़ी से पटना के बीच दरभंगा होकर गुजरता है, तो इसका लाभ ठाकुरगंज व फारबिसगंज को मिलेगा. कटिहार से रूट होने पर किशनगंज और बेगूसराय सीधे जुड़ेंगे.

हवाई सेवा जैसी गति, ट्रेन जैसा आराम

सूत्रों के अनुसार, इस हाईस्पीड कॉरिडोर पर ट्रेनें 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी. यह रफ्तार वंदे भारत, अमृत भारत और राजधानी जैसी ट्रेनों से भी कई गुना अधिक होगी. अनुमान है कि वाराणसी से सिलीगुड़ी का सफर महज 2 घंटे 55 मिनट में पूरा हो जाएगा. वहीं, वाराणसी से दिल्ली तक का सफर भी करीब 3 घंटे 50 मिनट में तय होगा. सबसे खास बात यह है कि यात्रियों को हवाई अड्डे की तरह घंटों पहले पहुंचने की मजबूरी नहीं होगी, जिससे कुल यात्रा समय में भारी बचत होगी.

रोजगार व व्यापार के खुलेंगे नये द्वार

यह कॉरिडोर न केवल सफर आसान बनाएगा, बल्कि सीमांचल के आर्थिक परिदृश्य को भी बदल देगा. जानकारों का मानना है कि बुलेट या सेमी बुलेट ट्रेन की सुविधा मिलने से क्षेत्र में स्थायी और अस्थायी रोजगार के अवसर पैदा होंगे. जिस मार्ग से यह ट्रेन गुजरेगी, वहां छोटे-बड़े उद्योग और व्यावसायिक केंद्र विकसित होंगे. इसके साथ ही माल ढुलाई की गति बढ़ने से स्थानीय व्यापारियों को बड़ा बाजार मिलेगा.

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धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

हाईस्पीड रेल कॉरिडोर उत्तर बंगाल व सीमांचल को सीधे देश की राजधानी दिल्ली व धार्मिक नगरी काशी से जोड़ेगा. इससे बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं और दर्शनीय स्थलों की यात्रा करने वाले पर्यटकों को काफी सहूलियत होगी. उल्लेखनीय है कि नेशनल रेल प्लान 2021 के तहत इस पर लंबे समय से मंथन चल रहा था, जो अब धरातल पर उतरता दिख रहा है.

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By Paritosh shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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