किशनगंज मंडल कारा में दहेज मामले में बंद महिला कैदी ने शौचालय में लगाई फांसी

Woman Committed Suicide: किशनगंज मंडल कारा (जेल) परिसर से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है. दहेज प्रताड़ना के मामले में पिछले चार महीनों से जेल में बंद एक विचाराधीन महिला कैदी ने बुधवार की सुबह महिला वार्ड के शौचालय में अपने दुपट्टे के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली.

किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट

Woman Committed Suicide: बिहार के सीमावर्ती जिले किशनगंज के मंडल कारा परिसर के भीतर सुरक्षा और कैदियों की निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जेल के महिला वार्ड में बंद एक विचाराधीन महिला बंदी ने बुधवार की सुबह मानसिक तनाव के चलते शौचालय के भीतर अपने ही दुपट्टे के सहारे फांसी लगा ली. घटना की भनक लगते ही जेल प्रशासन और सुरक्षा प्रहरियों के बीच हड़कंप मच गया. आनन-फानन में महिला कैदी को फंदे से नीचे उतारकर गंभीर हालत में इलाज के लिए किशनगंज सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने प्रारंभिक जांच के बाद उसे आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है और जेल के भीतर सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है.

फरवरी महीने से बंद थी महिला; कोचाधामन थाने में दर्ज था दहेज का केस

  • मृतक की पहचान: जेल के भीतर आत्मघाती कदम उठाने वाली महिला बंदी की पहचान कोचाधामन प्रखंड क्षेत्र की निवासी उषा रानी (पति- अजय प्रसाद सिन्हा) के रूप में की गई है.
  • इस मामले में थी सजा: मृतका उषा रानी के खिलाफ कोचाधामन थाने में पिछले वर्ष दहेज प्रताड़ना और प्रताड़ित करने के आरोपों के तहत कांड संख्या 367/25 (दहेज अधिनियम) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. इस कानूनी मामले के सिलसिले में वह बीते फरवरी 2026 से ही किशनगंज मंडल कारा में न्यायिक हिरासत में बंद थी.
  • वार्ड कर्मी की पड़ी नजर: बुधवार सुबह जब महिला वार्ड की एक ड्यूटी कर्मी नियमित राउंड पर थी, तो उसने उषा रानी को शौचालय के भीतर संदिग्ध और अचेत अवस्था में फंदे से लटकते देखा. कर्मी ने बिना समय गंवाए इसकी सूचना तुरंत जेल अधीक्षक को दी.

अस्पताल ले जाते समय चल रही थी पल्स; मजिस्ट्रेट की निगरानी में हुआ पोस्टमार्टम

डिप्रेशन से जूझ रही थी कैदी: जेल प्रबंधन के अनुसार, फरवरी माह में जेल आने के कुछ दिनों बाद से ही उषा रानी गहरे मानसिक तनाव और अवसाद (डिप्रेशन) की गिरफ्त में थी.

उसकी बिगड़ती मानसिक स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन द्वारा पूर्व में उसका नियमित इलाज सदर अस्पताल किशनगंज और एमजीएम मेडिकल कॉलेज (MGM Medical College) के मनोचिकित्सकों से भी कराया जा रहा था.

मृतक महिला बंदी का नाम व पताकारागार का नामजेल में बंद रहने की अवधिसंबंधित थाना एवं कांड संख्याप्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई
उषा रानी
(पति- अजय प्रसाद सिन्हा, कोचाधामन)
मंडल कारा (जेल), किशनगंजफरवरी 2026 से
(विचाराधीन कैदी)
कोचाधामन थाना,
कांड संख्या- 367/25
* महिला मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पंचनामा.
* सदर अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम.

“बचाने का किया गया पूरा प्रयास, डिप्रेशन का चल रहा था इलाज”: जेल अधीक्षक

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और जेल के आला अधिकारियों ने घटना स्थल का मुआयना किया है. इस पूरे मामले पर आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए किशनगंज मंडल कारा के जेल अधीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जैसे ही वार्ड कर्मी द्वारा महिला बंदी के फांसी पर लटकने की सूचना मिली, वे जेल के डॉक्टर के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे. महिला को जब फंदे से नीचे उतारा गया, तब उसकी पल्स (नब्ज) चल रही थी, जिसे देखते हुए उसे तुरंत सरकारी एम्बुलेंस से सदर अस्पताल भेजा गया. हालांकि, अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

जेल अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि मृतका पहले से अवसादग्रस्त थी और उसका मेडिकल ट्रीटमेंट चल रहा था. घटना के बाद जेल नियमावली के अनुसार जिला प्रशासन को सूचित किया गया, जिसके बाद एक महिला दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) की प्रत्यक्ष उपस्थिति में शव का विस्तृत पोस्टमार्टम कराकर कानूनी प्रक्रिया के तहत शव परिजनों को सौंप दिया गया है. जेल प्रशासन मामले की आंतरिक जांच भी कर रहा है.

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By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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