किशनगंज. प्रखंड के बेलवा पंचायत अंतर्गत बेलवा गांव के वार्ड संख्या-03 में सोमवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया. डोंक नदी किनारे गईं दो सगी बहनें पांव फिसलने से नदी में डूब गईं और लापता हो गईं. हादसे के बाद ग्रामीणों और प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर खोजबीन शुरू की गई. मंगलवार को एसडीआरएफ की टीम ने दो बोट के साथ तलाश अभियान चलाया, जिसके बाद शाम करीब 4 बजे बड़ी बहन 15 वर्षीय फरहाना का शव बरामद कर लिया गया. वहीं 12 वर्षीय छोटी बहन रही नाज अब भी लापता है. घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
शाम 5:30 बजे नदी किनारे हुआ हादसा, पांव फिसलने से दोनों बहनें डूबीं
बताया जाता है कि सोमवार शाम करीब 5:30 बजे बेलवा गांव के वार्ड संख्या-03 निवासी फतेबुल की दोनों पुत्रियां फरहाना और रही नदी किनारे गई थीं. इसी दौरान पांव फिसलने से दोनों बहनें डोंक नदी के गहरे पानी में जा गिरीं. देखते ही देखते दोनों नदी में लापता हो गईं.
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई. बड़ी संख्या में ग्रामीण डोंक नदी के किनारे पहुंच गए और अपने स्तर से दोनों बच्चियों की तलाश शुरू कर दी. काफी प्रयास के बावजूद सोमवार शाम तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका.
ग्रामीणों की सूचना पर प्रशासन हुआ सक्रिय, पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ
घटना की सूचना ग्रामीणों ने किशनगंज सीओ राहुल कुमार और थाना प्रभारी मुकेश कुमार को दी. सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम सक्रिय हुई. मौके पर पुलिस बल के साथ एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया.एसडीआरएफ की टीम सोमवार शाम करीब 7 बजे घटनास्थल पर पहुंची. हालांकि उस समय तक अंधेरा हो चुका था. अंधेरा होने और नदी में तलाशी अभियान चलाने में सुरक्षा संबंधी दिक्कतों के कारण टीम नदी में नहीं उतर सकी. टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया और वापस लौट गई.
मंगलवार सुबह दो बोट के साथ फिर शुरू हुई तलाश
सोमवार रात तलाशी अभियान बाधित होने के बाद मंगलवार सुबह एसडीआरएफ की टीम दो बोट के साथ घटनास्थल पर पहुंची. इसके बाद लापता दोनों बहनों की तलाश दोबारा शुरू की गई. एसडीआरएफ की टीम के साथ स्थानीय ग्रामीण भी नदी में संभावित स्थानों पर बच्चियों की तलाश में जुटे रहे. कई घंटे तक चले अभियान के दौरान नदी के अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन की गई.
चार बजे मिली बड़ी बहन फरहाना की लाश, छोटी बहन की तलाश जारी
ग्रामीणों और एसडीआरएफ की कड़ी मेहनत के बाद मंगलवार शाम करीब 4 बजे 15 वर्षीय फरहाना का शव बरामद कर लिया गया. शव मिलने की खबर के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है. वहीं फरहाना की छोटी बहन 12 वर्षीय रही नाज का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है. एसडीआरएफ और ग्रामीणों की ओर से उसकी तलाश जारी है. परिवार के लोग नदी किनारे मौजूद हैं और बच्ची के मिलने का इंतजार कर रहे हैं.
एक बच्ची का शव मिलने से गांव में पसरा मातम
दोनों सगी बहनों के नदी में डूबने की घटना से पहले ही गांव में चिंता का माहौल था. मंगलवार को बड़ी बहन का शव मिलने के बाद गांव में मातम और गहरा गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. ग्रामीणों ने बताया कि घटना के बाद से ही बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ खड़े हैं और लापता छोटी बच्ची की तलाश में सहयोग कर रहे हैं. सभी की निगाहें एसडीआरएफ के तलाशी अभियान पर टिकी हुई हैं.
जनप्रतिनिधियों समेत सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जुटे
घटनास्थल पर बेलवा मुखिया तैबुर रहमान, बेलवा सरपंच पजीरिद्दीन, पंचायत समिति प्रतिनिधि सनाउल्लाह, पूर्व पैक्स चेयरमैन इजहार अशरफ, पूर्व बेलवा मुखिया फखरे आलम, गुलाब, इकबाल रजा, नूरदिल, नुरजमाल, साह जमाल सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे. स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से लापता रही नाज की तलाश में अभियान तेज करने की मांग की है. फिलहाल एसडीआरएफ की टीम नदी में बच्ची की तलाश कर रही है और परिवार को उसके मिलने की उम्मीद है.
