समय पर उपचार ही सर्पदंश से बचने की सबसे बड़ी कुंजी: सीएस

सर्पदंश से बचाव और त्वरित उपचार पर दिया गया जोर

-सर्पदंश से बचाव और त्वरित उपचार पर दिया गया जोर

किशनगंज

अंतर्राष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस के अवसर पर आज सदर अस्पताल किशनगंज में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी, गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. उर्मिला कुमारी समेत जिले के अन्य स्वास्थ्य पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे. कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों को सर्पदंश से बचाव, त्वरित पहचान और सही समय पर इलाज के महत्व से अवगत कराना था.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार के उत्तरी-पूर्वी जिलों में सर्पदंश एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती है, विशेषकर ग्रामीण और नदी किनारे रहने वाले लोगों में. उन्होंने कहा कि सर्पदंश की घटनाओं में समय पर उपचार ही जीवन बचाने की सबसे बड़ी कुंजी है. हमारे जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर सदर अस्पताल तक एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है ताकि मरीजों को त्वरित उपचार मिल सके.

गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. उर्मिला कुमारी ने कहा कि सर्पदंश से जुड़ी अधिकांश मौतें जागरूकता की कमी और देरी से अस्पताल पहुंचने के कारण होती हैं. उन्होंने कहा कि लोग अक्सर झाड़-फूंक या घरेलू इलाज में समय बर्बाद कर देते हैं. अगर सर्पदंश के तुरंत बाद मरीज को नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र लाया जाए तो उसकी जान निश्चित रूप से बचाई जा सकती है.

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल

इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण प्राप्त चिकित्सक एवं नर्स तैनात हैं. वहीं, स्वास्थ्यकर्मियों के लिए समय-समय पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में बेहतर ढंग से कार्य कर सकें. जिला प्रशासन की ओर से भी सर्पदंश प्रभावित इलाकों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने की योजना बनाई गई है.

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By AWADHESH KUMAR

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