गलगलिया .मंगलवार को भारत नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी के जवानों ने गुप्त सूचना के आधार पर 41वीं बटालियन एसएसबी रानीडांगा के ई कंपनी कादोमनी बीओपी के जवानों के द्वारा चलाएं जा रहे एक विशेष अभियान चलाकर मंगलवार की सुबह तीन बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है. तीनों एक ही परिवार के है जिसमें पहला का नाम अमल बर्मन जो भारतीय नाम है जबकि अमोल चंद्रो रे बांग्लादेशी नाम है, दूसरा गौतम बर्मन भारतीय नाम जबकि गौतम चंद्रो रॉय बांग्लादेशी नाम जबकि तीसरा प्रीतम बर्मन भारतीय नाम जबकि पोंकोज रॉय बांग्लादेशी नाम बताया. पकड़ा गया बांग्लादेशी नागरिक गौतम बर्मन 5 दिसंबर 2024 को एक एजेंट की मदद से भारत-बांग्लादेश सीमा मानिकगंज, हल्दीबाड़ी होते हुए भारत में दाखिल हुआ. वर्तमान में वह इलेक्ट्रीशियन के रूप में कार्यरत है. पकड़ा गया बांग्लादेशी नागरिक प्रीतम बर्मन 1 अप्रैल 2024 को भारत-बांग्लादेश सीमा आईसीपी चंगराबांधा के रास्ते पासपोर्ट का इस्तेमाल करके भारत आया था. वर्तमान में वह टाइल मिस्त्री के रूप में कार्यरत है. पकड़ा गया बांग्लादेशी नागरिक अमल बर्मन फरवरी 2025 में भारत-बांग्लादेश सीमा आईसीपी चंगराबांधा के रास्ते भारत आया था. वर्तमान में वह दर्जी का काम करता है. ये सभी एक ही परिवार के हैं, जिनका दावा है कि वे बांग्लादेश में उत्पीड़न से बचने के लिए भारत भाग आए थे. इस विशेष अभियान में सहायक कमांडेंट कुणाल कौदान इंस्पेक्टर रोहित सिंह महिला और पुरुष एसएसबी के जवान शामिल रहे. वही पकड़े गए व्यक्तियों को आगे की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए खोरीबाड़ी को सौंप दिया गया. इन दिनों बांग्लादेशी घुसपैठियों की धर पकड़ हो रही जिससे ये आशंका व्यक्त की जा रहे है कि बड़े पैमाने में बांग्लादेशी बंगाल में शरण लिए हुए जिसपर एसएसबी और अन्य सुरक्षा एजेंसी काफी सक्रिय है.
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